वायुमंडल

वायुमंडल
पृथ्वी को चारों ओर सैकड़ों किमी. की मोटाई में लपेटने वाले गैसीय आवरण को वायुमंडल कहते हैं। वायुमंडल गर्मी को रोककर रखने में एक विशाल 'काँच घर का काम करता है,जोलघु तरंगों और विकिरण को पृथ्वी के धरातल पर आने देता है, परंतु पृथ्वी से विकरित होने वाली तरंगों को बाहर जाने से रोकता है। इस प्रकार वायुमंडल पृथ्वी पर सम तापमान बनाए रखता है।
वायुमण्डल की वायु के मुख्य अवयव नाइट्रोजन (78'), ऑक्सीजन (21'), ऑर्गन (0.93') और कार्बन-डाई-ऑक्साइड (0.003') हैं। वायुमण्डल में जलवाष्प एवं गैसों के अतिरिक्त सूक्ष्म ठोस कणों की उपस्थित भी ज्ञात की गई है। वायुमण्डल को निम्न 5 मण्डलों में विभाजित किया जाता है-

क्षोभमण्डल (troposphere)- यह वायुमंडल का सबसे निचला हिस्सा है। इसकी ऊँचाई धरातल से 12 किमी. तक है। इस मण्डल में जलवाष्प एवं धूल कणों की अत्याधिकमात्रा के विद्यमान रहने के कारण वायुमण्डल के गर्म एवं शीतल होने की विकिरण, संचालन तथा संवाहन की क्रियाएँ सम्पन्न होती हैं।

समताप मण्डल (Stratosphere) क्षोभ सीमा के ऊपर औसत 50 किमी. की ऊँचाई पर समतापमण्डल का विस्तार पाया जाता है। इस मण्डल में 20 से 35 किमी. के बीच ओजोन परत की सघनता काफी अधिक है, इसलिए इस क्षेत्र को ओजोन मंडल भी कहा जाता है।
मध्य मण्डल (Mesophere) - समताप मण्डल के ऊपर सामान्यत: 50 से 80 किमी. की ऊँचाई वाला वायुमण्डलीय भाग मध्य मण्डल के नाम से जाना जाता है। इस मण्डल में ऊँचाईके साथ तापमान का ह्रस होता है। यहाँ तापमान -100शष्ट हो जाता है।

तापमण्डल (Thermosphere) - धरातल से 80 किमी. की ऊँचाई से लेकर 640 किमी. तक तापमण्डल का विस्तार है। इस मण्डल में ऊँचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है और इसकी सबसे ऊपरी सीमा पर 1700शष्ट तापमान अनुमानित है।
बाह्यमण्डल (Exosphere)- वायुमंडल में पृथ्वी के धरातल से 640 किमी. के ऊपर बाह्यïमण्डल का विस्तार मिलता है। इसे वायुमण्डल का सीमांत क्षेत्र कहा जाता है। इस मण्डल की वायु अत्यंत विरल होती है।
वायुमंडल का संघटन
घटक आयतन के अनुसार प्रतिशत
नाइट्रोजन 78.08
ऑक्सीजन 20.9
ऑर्गन 0.93
कार्बन डाईऑक्साइड 0.03
नियॉन 0.0018
हीलियम 0.0005
ओजोन 0.00006
हाइड्रोजन 0.00005
मीथेन अल्प मात्रा
क्रिप्टॉन अल्प मात्रा
जीनॉन अल्प मात्रा
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"पृथ्वी की धरातलीय संरचनाये"

रोचक तथ्य 2

रोचक तथ्य

1. केलों को कच्चे तोड़ने के बाद रसायनिक तरीको से पकाया जा सकता है
जबकि अंगुरों को नही.

2. 2001 में इंग्लैंड में 300 से भी अधिक केलों से सम्बंधित मामले ऐसे थे जब लोग सड़क पर गिरे केलो की वजह से फिसले हों.

3. अगर किसी पेड़ पर लगे अनानास को उल्टा कर दिया जाए तो यह जल्दी पक जाता है.

4. निँबू सफाई करने के लिए सबसे उपयुक्त फल है
क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में ऐसा तेजाब पाया जाता है
जो कि बैक्टीरीया को मार देता है.

5. आप नाशपाती के छिल्के के साथ फर्नीचर बना सकते है क्योंकि यह बहुत सख्त
होता है.

6. कुछ वैज्ञानिक मानते है
कि केला धरती का पहला फल है.

7. गोभी में भी तरबूज के
जितना ही पानी होता है. तरबूज में 92 प्रतीशत जबकि गोभी और गाजर में क्रमश: 90 प्रतीशत और 87 प्रतीशत होता है.

8. आप मुंगफली के तेल
द्वारा नाईट्रोग्लिसरीनत्यार कर सकते है जो कि बारूद का एक मुख्य हिस्सा होता है.

9. एवोकैडो के पत्ते पशुओ के लिए हानिकारक जबकि पक्षियों के लिए जहरीले हो सकते है.

10. एक सुखे फल में ताजा फल से ज्यादा कैलोरी होती है क्योंकि सुखे फल से पानी की मात्रा बाहर निकल जाती है.

भारत की वह कहानी है जो आप सुनना नहीं चाहते

Must Read !! यह भारत की वह कहानी है जो आप सुनना नहीं चाहते, लेकिन इसे सुनने की जरूरत है।

जब लोग मुझसे भारत के बारे में पूछते हैं, तो मैं दुविधा में पड़ जाती हूं। विचारों में विरोधाभास हो जाता है। उन घटनाओं के बारे में एक वाक्य में क्या कहूं, जिन्होंने मुझे मानसिक रोगी बना दिया।

भारत अद्भुत है, पर महिलाओं के लिए नरक है। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के इंडियन सिविलाइजेशन प्रोग्राम के वो तीन महीने मेरे लिए सुंदर ख्वाब भी हैं और बुरा सपना भी। मैं कौनसा हिस्सा पहले बताऊं?

ञ्चक्या मैं पुणे में बिताई उस पहली रात का जिक्र करूं, जब मैनें गणेश फेस्टिवल में जमकर डांस किया, या फिर वह उस किस्से को पहले सुनाऊं-जब कुछ लोग मुझे देखकर रुक गए, मेरे हर मूव को कैमरे में उतारने लगे।

ञ्चक्या मैं उन खूबसूरत साडिय़ों की बात करूं जिन्हें खरीदने के लिए मैं मोलभाव करने लगी थी, या फिर उस व्यक्ति के बारे में बताऊं जो उस दौरान जर्बदस्ती मुझसे सटकर खड़ा हो गया।

ञ्चजब लोग मुझे इंडियन सैंडल्स के लिए कॉम्पलीमेंट देते हैं तो वह व्यक्ति याद आ जाता है जो सैंडल्स खरीदने के बाद करीब ४५ मिनट तक मेरा पीछा करता रहा, जब तक मैं भीड़ में उस पर चिल्लाई नहीं।

ञ्चक्या मैं गोवा के उस खूबसूरत होटल के बारे में बताऊं जहां एक स्टाफ मेंबर ने मेरी रूममेट से दुष्कर्म की कोशिश की। ये कहानियां क्या मुझे क्रिसमस पार्टी के दौरान सुनानी चाहिए। मेरे दोस्तों की जिज्ञासाएं भारत के बारे में हैं, पर शायद वे जवाबों के लिए तैयार नहीं हैं।

एक साल पहले जब मैं भारत गई तो लगा-मैं तैयार हूं। भारतीय सभ्यता के बारे में ही पढ़ रही थी, हिन्दी बोल लेती थी। यूनिवर्सिटी के दिए निर्देशों का भी पालन कर रही थी-कि कैसे कपड़े पहनने हैं, सड़कों पर मुस्कुराना नहीं हैं। नजरें नहीं मिलानी है, इशारों का जवाब नहीं देना है। लेकिन शायद मैं फिर भी उन नजरों के लिए तैयार नहीं थी, जो मुझे तार-तार कर देना चाहती थीं। मैं चाहूं-उन्हें देखूं या न देखूं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। चाहे मैं फल खरीदने जाऊं या फिर टेलर के पास, ये हर जगह मेरा पीछा करती थीं। मैं हर वक्त ढंकी हुई रहती थी, पर छिप नहीं सकती थी। लोग मुझे घूर ही लेते थे, हर वक्त तस्वीरें लेते रहते थे, मैं तीन महीने ऐसे ही रही-यात्रियों के स्वर्ग और महिलाओं के इस नरक में। मेरा पीछा होता था, जबरन छुआ जाता था और देखकर गलत हरकतें की जाती थीं। अमेरिका लौटने के बाद मेरी मानसिक स्थिति खराब हो गई। मेरे खून में जबरदस्त गुस्सा दौड़ रहा था, मैं फट पडऩा चाहती थी, रोज उठती तो मरने के बारे में ही सोचती। स्टूडेंट काउंसलर ने मुझे पर्सानैलिटी डिस्ऑर्डर का शिकार बताया। मुझे दवाएं दी जो मैंने नहीं लीं। हालत बिगड़ी तो दो दिन मानसिक रोगियों के वार्ड में रखा गया। अब मैं दवाओं पर हूं, दिमाग वहीं जमा हुआ है।

यह भारत की वह कहानी है जो आप सुनना नहीं चाहते, लेकिन इसे सुनने की जरूरत है।

-रॉसकैम (मिशेला ने इसी यूजर नेम से अपनी कहानी पोस्ट की है) मिशेला अब ट्रॉमा में है, वह यूनिवर्सिटी से मेडिकल लीव पर है

Important Creation

1. अढ़ाई दिन का झोंपडा, अजमेर को किसने बनवाया? - कुतुबुद्दीन ऐबक
2. कुतुबमीनार, दिल्ली को किसने बनवाया? - इल्तुतमिश
3. लालमहल, दिल्ली को किसने बनवाया? - बलबन
4. अलाई दरवाजा, दिल्ली को किसने बनवाया? - बलबन
5. जमातखाना, दिल्ली को किसने बनवाया? - अलाउद्दीन खिलजी
6. हजार सितुन, दिल्ली को किसने बनवाया? - अलाउद्दीन खिलजी
7. जमातखाना मस्जिद, दिल्ली को किसने बनवाया? - अलाउद्दीन खिलजी
8. कुब्बत-उल-इस्लाम मस्जिद, दिल्ली को किसने बनवाया? - कुतुबुद्दीन ऐबक
9. नासिरूद्दीन का मकबरा, दिल्ली को किसने बनवाया? - इल्तुतमिश
10. अतारकिन का दरवाजा, नागौर को किसने बनवाया? - इल्तुतमिश
11. तुगलकाबाद, दिल्ली को किसने बसाया? - गयासुद्दीन तुगलक
12. आदिलाबाद, दिल्ली को किसने बसाया? - मुहम्मद तुगलक
13. भारतीय संविधान सभा का गठन किस योजना के अन्तर्गत किया गया? - कैबिनेट मिशन प्लान, 1946
14. भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे? - डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
15. संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे? - डॉ. बी आर अम्बेडकर
16. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार कौन थे? - डॉ. बी एन राव
17. भारत की संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई? - 9 दिसम्बर 1946 को
18. भारत का संविधान को स्वीकृति कब मिली? - 26 जनवरी 1950 को
19. “भारतीय संविधान की आत्मा” किसे कहा जाता है? - प्रस्तावना को
20. संविधान में प्रथम संशोधन कब हुआ था? - 1951 में
21. भारतीय संविधान की 11 वीं अनुसूची किस संशोधन के बाद जोड़ी गई? - 72वाँ
22. भारतीय संविधान की 12 वीं अनुसूची किस संशोधन के बाद जोड़ी गई? - 86वा

रोचक जानकारी

रोचक जानकारी
* एस्बेस्टस पदार्थ आग में नहीं जलता।
* कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस हवा में जलती है।
* पीतल तांबा व जस्ता मिलाकर बनता है।
* लाइटर में द्रवित ब्यूटेन गैस भरी जाती है।
* रेफ्रिजरेटर में सामान्यतः फ्रियॉन गैस भरी जाती है।
* स्टेनलेस स्टील में क्रोमियम व कार्बन होता है।
* प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने में जिप्सम का उपयोग होता है।
* सबसे कठोर पदार्थ हीरा होता है।
* वाराणसी को विश्व का सबसे ऐतिहासिक नगर कहा जाता है, जहां पर मनुष्यों का निवास लगातार रहा हो।
*1896 तक भारत विश्व का एकमात्र हीरा उत्पादक देश था।
* शुक्र ग्रह की सतह का तापमान 351 डिग्री से./ 864 डिग्री फे. है, जो किसी भी ग्रह की सतह का सबसे अधिक तापमान है।
* हवा में मौजूद 90 प्रतिशत जल वाष्प महासागरों से आती है।
*अधिकांश पक्षी बैंगनी रंग को नहीं देख पाते हैं इसी कारण शिकारी बैंगनी वस्त्र पहन कर शिकार करते हैं।
*ज्यादातर बिल्लियां 30 फुट ऊपर से कूदने के बाद भी जिंदा रह सकती हैं।
* फ्रांस ऐसा देश है जहां मच्छर नहीं हैं।
* घरेलू मक्खी से करीब 30 बीमारियां हो सकती हैं।
* दुनिया भर में कुल 5000 भाषाएं एवं बोलियां बोली जाती हैं।
* एक वर्ष में मनुष्य करीब 5 हजार 479 बार हंसता है।
* एक औसत व्यक्ति का वजन 1 लाख 44 हजार डाक टिकटों के वजन के बराबर होता है।
*'सिंग नाइट चूं'(चीन) शहर में 5 सूर्य दिखते हैं।
* नार्वे देश में सूरज आधी रात में चमकता है।
* हाथी के नवजात शिशु का वजन 100 से 120 किलोग्राम होता है।
* नीली व्हेल की सीटी की आवाज सभी जानवरों में सबसे तेज होती है।
* घोंघा तीन साल तक सो सकता है।

विश्व विख्यात व्यक्तित्व 2

विश्व विख्यात व्यक्तित्व
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अब्दुल गफ्फार खान- 'फ्रंटियर गाँधीÓ के नाम से प्रसिद्ध; स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर प्रॉविंसÓ के प्रमुख नेता। 'खुदाई खिदमतगारÓ नामक संगठन के संस्थापक।

अब्दुल रहीम खान-ए-खानं- अकबर के सेनापति व नव रत्नों में से एक। प्रमुख मध्यकालीन भक्ति कवि।

अबुल फजल (1551-1602 ई.)- अकबर के प्रमुख सलाहकार व सरकारी इतिहासकार। उन्होंने 'आइने अकबरीÓ व 'अकबरनामाÓ लिखा।

अहिल्या बाई- इंदौर के महाराजा मल्हार राव होल्कर की विधवा बहू जिन्होंने 1764-1765 तक राज्य पर शासन किया।

अहमद शाह अब्दाली- अफगानिस्तान का शासक जिसने भारत पर सात बार आक्रमण किया, जिसमें 1761 में पानीपत के युद्ध में मराठों की पराजय प्रमुख है।

अजातशत्रु- विंबसार का पुत्र और मगध के हरयंका वंश का द्वितीय शासक।

अकबर (1542-1605 ई.)- मुगल साम्राज्य का महानतम शासक। उसने मुगल साम्राज्य का विस्तार किया और उसे मुख्य रूप से धार्मिक सहिष्णुता और राजपूतों के साथ मित्रतापूर्ण सम्बंधों के लिए जाना जाता है। उसने एक नए धार्मिक पंथ 'दीन-ए-इलाहीÓ की स्थापना की।

अल बरूनी (970-1039 ई.)- प्रसिद्ध लेखक जो महमूद गजनवी के साथ भारत आया और भारत पर विश्व प्रसिद्ध किताब 'किताब-उल-हिंदÓ लिखी।

अलाउद्दीन बहमन शाह- बहमनी राज्य के संस्थापक।

अलाउद्दीन खिलजी- दिल्ली सल्तनत का सबसे सक्षम शासक जिसने मूल्य नियंत्रण प्रणाली लागू की। इसके शासनकाल के दौरान दिल्ली सल्तनत का सबसे ज्यादा विस्तार हुआ।

अलबुकर्क (1453-1515 ई.)- भारत में पुर्तगाली वायसराय। 1510 ई. में उसने गोवा व दीव पर अधिकार जमाया।

अल्बर्ट आइंस्टीन (1879-1955 ई.)- न्यूटन के बाद महानतम् वैज्ञानिक। 1905 में 'क्वांटम सिद्धांतÓ का प्रयोग करके 'फोटो विद्युत प्रभावÓ की व्याख्या की। द्रव्यमान व ऊर्जा के मध्य सम्बंध स्थापित करने के लिए श्व=द्वष्२ समीकरण का प्रतिपादन किया। ब्राऊनियन गति की व्याख्या करके परमाणु सिद्धांत की पुष्टिï की। सापेक्षता के विशिष्टï सिद्धांत (Special Theory of relativity) का प्रतिपादन किया। 1916 में सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत (General theory of relativity) का प्रकाशन। 1921 में नोबेल पुरस्कार।

एलेन ऑक्टोवियन ह्यूम (1829-1912 ई.)- ब्रिटिश सरकार में सिविल सर्र्वेंट जिन्होंने भारतीय राष्टरीय कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अमीर खुसरो (1255-1325 ई.)- इनको 'पैरेट ऑफ इंडियाÓ कहा जाता है। वे प्रसिद्ध साहित्यकार, इतिहासकार व संगीतज्ञ थे। सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य के रूप में प्रसिद्ध।
अर्दशीर- 226 ई. में ईरान में सस्सानिद वंश के संस्थापक।

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल (1847-1922 ई.)- स्कॉटिश अमेरिकी, जिसने टेलीफोन का आविष्कार किया।

अरस्तू (384-322 ई. पू.)- ग्रीक दार्शनिक, साहित्यकार व वैज्ञानिक। सिकंदर महान के शिक्षक व प्लेटो के शिष्य। उन्होंने तर्कशास्त्र (Logic) की स्थापना की।

आर्यभट्ट (476-520 ई.)- भारतीय खगोलशास्त्री व गणितज्ञ जो चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक थे। उन्हें बीजगणित (algebra) के आविष्कार का श्रेय है। वे पहले खगोलशास्त्री थे जिन्होंने बताया कि पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है।

अशोक महान (शासन 269-232 ई. पू.)- प्राचीन भारत का महानतम शासक। 261 ई. पू. में कलिंग युद्ध के पश्चात् उसने हिंसा का मार्ग छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया।

अश्वघोष- कुषाण सम्राट कनिष्क के अध्यात्मिक गुरू, जिन्होंने प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ 'बुद्धचरितम्' की रचना की।

अतातुर्क कमाल (1881-1938 ई.)- तुर्की जनरल व राजनीतिज्ञ। उन्होंने तुर्की में खिलाफत का अंत करके वहाँ गणतंत्र की स्थापना की और तुर्की को एक आधुनिक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में स्थापित किया।

आंद्रे मेरी एम्पियर (1775-1836 ई.)- फ्रांसीसी वैज्ञानिक जिसने एम्पियर के नियमों का प्रतिपादन किया। विद्युत धारा की इकाई का नामकरण इन्हीं पर किया गया है।

अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (1881-1955 ई.)- स्कॉटिश वैज्ञानिक जिन्होंने प्रथम एंटीबायोटिक 'पेनीसिलिन' की खोज 1928 में की।

ऑर्थर कॉम्पटन (1892-1962 ई.)- अमेरिकी भौतिकविद् जिन्हें 1927 में 'कॉम्पटन प्रभाव' (Compton Effect) की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। 'कॉम्पटन प्रभाव' से ही प्रकाश के द्विस्वभाव(Dual nature) की जानकारी हुई।

अर्नेस्ट रदरफोर्ड (1871-1937)- प्रसिद्ध भौतिकविद जिन्होंने परमाणु की संरचना की खोज की जिससे नाभिकीय युग (Nuclear Age) की शुरुआत हुई।

अल्फ्रेड नोबेल (1833-1896 ई.)- स्वीडिश रसायनविद व आविष्कारक। इन्होंने डाइनामाइट का आविष्कार किया और इन्हीं के नाम से चिकित्सा, साहित्य, अर्थशास्त्र, भौतिकी, रसायनशास्त्र और शांति के लिए प्रत्येक वर्ष नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

ऑगस्टस (63 ई. पू. - 14 ई.)- प्रथम रोमन सम्राट। उन्होंने मिस्र पर विजय प्राप्त की और रोम में नैतिक धार्मिक सुधारों को लागू किया।
आर्कमिडीज़ (287-212 ई. पू.)- ग्रीक के प्रसिद्ध गणितज्ञ जिनको 'उत्प्लावन के सिद्धांतों (Principle of buoyancy) के प्रतिपादन का श्रेय है।

इयूक्लिड (330-260 ई. पू.)- यूनान के प्रसिद्ध गणितज्ञ जिन्होंने ज्यामिति (geometry) में अनेक महत्वपूर्ण खोजें कीं।

एडविन पॉवेल हब्बल (1869-1953 ई.)- अमेरिकी खगोलविद जिन्होंने सबसे पहले ब्रह्मड के अकल्पनीय आकार की खोज की।

औरंगजेब- (1618-1707 ई.)- मुगल सम्राज्य का अंतिम महान सम्राट जिसने साम्राज्य का सुदूर दक्षिण तक विस्तार किया, किन्तु उसकी धार्मिक असहिष्णुता की नीति ने मुगल राज्य को धक्का पहुँचाया।

बाबर (1483-1530 ई.)- भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक जिसने अप्रैल 1526 में पानीपत के युद्ध में इब्राहिम लोदी को परास्त किया। तुर्की में आत्मकथा 'तुजुक-ए-बाबरीÓ लिखी।

बाणभट्ट- हर्षवद्र्धन के दरबारी कवि। प्रसिद्ध कृति 'हर्षचरितÓ।

बाडेन पावेल (1857-1941 ई.) - बॉय स्काउट्स मूवमेंट के संस्थापक (1908 ई.)।

बालाजी विश्वनाथ- मराठा साम्राज्य के प्रथम पेशवा (1731 ई.)।
बलवन, गियास-उद्-दीन- दिल्ली सल्तनत के सुल्तान (1265-86)। उसने 'सजदाÓ व 'पाएबोसÓ जैसे तुर्की रिवाजों को अपने दरबार में लागू किया।
बिथोवन- विश्व के महानतम संगीतकारों व कम्पोजरों में से एक।

बेसंट, एनी (1846-1933 ई.)- आयरिश सामाजिक सुधारक, 1917 में भारतीय राष्टï्रीय काँग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष। 1916 में होम रूम लीग की स्थापना की।
भीमराव अम्बेडकर (1891-1956 ई.)- दलितों के मसीहा। भारतीय संविधान के निर्माता जो 1947 से 1951 के मध्य भारत के कानून मंत्री रहे।
बिम्बसार (शासन 544-493 ई. पू.)- मगध राज्य के प्रथम महत्वपूर्ण राजा।
बिस्मार्क (1815-1898 ई.)- 19वीं शताब्दी में जर्मनी के सर्वाधिक सशक्त राजनीतिज्ञ जिन्होंने जर्मनी का एकीकरण करके उसकी स्थापना की।
बोस, सुभाषचंद्र (1897-1945 ई.)- इन्हें 'नेताजीÓ के उपनाम से जाना जाता है। वे एक शक्तिशाली राष्टï्रवादी नेता थे जो भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना करके अंग्रेजों से टक्कर ली।
भाभा, डा. होमी जे. (1909-1966 ई.)- भारत के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक। भारतीय अणु कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं।
भगत सिंह- प्रसिद्ध क्रांतिकारी व विचारक जिन्हें लाहौर षडयंत्र केस में फांसी दी गई।
भास्कराचार्य (जन्म 1114 ई.) - प्रसिद्ध गणितज्ञ व खगोलशास्त्री। प्रसिद्ध कृति- सिद्धांत शिरोमणि।
बोस, नंद लाल- प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार जिन्होंने कई प्रसिद्ध पेंटिंग्स बनाईं।
बुद्ध, गौतम (523 ई. पू. -453 ई. पू.)- बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में हुआ था। वे कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के पुत्र थे। उन्होंने संसार का त्याग किया और ज्ञान की प्राप्ति के बाद बुद्ध कहलाये।
सीज़र, जूलियस (100-44 ई. पू.)- रोमन जनरल व तानाशाह। उसने गाउल पर विजय प्राप्त की, राइन नदी पार करके ब्रिटेन पर दो बार आक्रमण किया।
चैतन्य (1485-1533 ई.)- कृष्ण भक्त संत जिन्होंने उड़ीसा, बंगाल व पूर्वी दक्कन में कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार किया।
चाणक्य (चौथी सदी ई. पू.)- चाणक्य को कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कृति 'अर्थशास्त्रÓ आज भी लोगों के मध्य प्रसिद्ध है। वह चंद्रगुप्त मौर्य के गुरू व प्रधानमंत्री थे। इनकी मौर्य वंश की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका थी।
चंद्रगुप्त मौर्य (शासन 321-298 ई. पू.)- मौर्य साम्राज्य के संस्थापक। उन्होंने मौर्य साम्राज्य का अफगानिस्तान तक विस्तार किया। इनके शासनकाल के दौरान ग्रीक राजदूत मेगास्थनीज़ भारत आया था।
चंगेज खान (1162-1227 ई.) - मंगोल योद्धा जिसने मंगोल साम्राज्य को चीन, रूस के अधिकाँश भागों और पूर्व में काला सागर तक फैलाया। चंगेज खान का साम्राज्य अभी तक का सर्वाधिक विशाल साम्राज्य था।
चियांग काई शेक (1887-1975 ई.)- चीनी राजनीतिज्ञ जिन्हें चीन के एकीकरण का श्रेय दिया जाता है (1926-28 ई.)। बाद में राष्टï्रवादी सरकार का नेतृत्व किया। (1928-49 ई.)। 1949 ई. में चीनी क्रांति के बाद ताइवान में निर्वासित सरकार का नेतृत्व।
क्लाइव, रॉबर्ट (1725-1774 ई.)- भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक। 1757 ई. में प्लासी की लड़ाई में बँगाल के शासक सिराजुद्दौला को परास्त करके ब्रिटिश राज्य की नींव रखी।
कोलम्बस, क्रिस्टोफर (1451-1506 ई.)- इतावली भौगोलिक अन्वेषणकर्ता, जिन्होंने 1498 ई. में अमेरिका की खोज की।
कोपरनिकस, निकोलस (1473-1543 ई.) - पोलिश खगोलशास्त्री जिन्होंने प्रतिपादित किया कि पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
साइरस- ईरान का महान शासक जिसने बेबीलोन को 539 ई. पू. में पराजित करके अपने साम्राज्य को एशिया माइनर (तुर्की) तक फैलाया।
दादा भाई नौरोजी (1825-1917 ई.)- 'ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडियाÓ के नाम से विख्यात दादा भाई नौरोजी तीन बार भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के अध्यक्ष रहे। ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस के लिए निर्वाचित होने वाले प्रथम भारतीय।
दारा शिकोह (1614-1659 ई.)- मुगल सम्राट शाहजहाँ का वरिष्ठï पुत्र जिसकी हत्या औरंगजेब ने करवाई थी। धार्मिक सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध दारा ने 'गीताÓ का फारसी में अनुवाद करवाया था।
दारा प्रथम (548-486 ई. पू.)- फारस के सम्राट। उन्होंने 490 ई. पू. में यूनान पर आक्रमण किया, किंतु मैराथन के मैदान में पराजित।
दयानंद सरस्वती (1824-1883 ई.)- इन्होंने 1875 में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए 'आर्य समाजÓ की स्थापना की। वेदों के ईश्वरीय वाणी होने का समर्थन करते हुए उन्होंने 'सत्यार्थ प्रकाशÓ की रचना की।
डुप्ले (1697-1764 ई.)- भारत में फ्रांसीसी गवर्नर-जनरल जिसने अंग्रेजों के खिलाफ द्वितीय कर्नाटक युद्ध में विजय प्राप्त की।
एडविन लुटएंस- ब्रिटिश वास्तुकार जिसने नई दिल्ली का निर्माण किया।
आइजनहावर, ड्विट डेविड (1890-1969 ई.)- द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मित्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर। बाद में वे सं. रा. अमेरिका के 34 वें राष्ट्रपति बने।
एकनाथ- मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के संत व कवि जिन्होंने मराठी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जातिप्रथा का कड़ा विरोध किया।
फाह्यान- चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय में भारत आने वाला पहला चीनी यात्री। उसके लेखों को गुप्त काल का ऐतिहासिक प्रमाण माना जाता है।
फिरदौसी (930-1020 ई.)- फारसी भाषा के प्रसिद्ध कवि जिनकी कालजयी कृति 'शाहनामाÓ में प्राचीन फारस की गाथा गाई गई है।
फ्लोरेंस नाइटेंगल (1820-1910 ई.)- क्रीमिया युद्ध में घायल सैनिकों की सेवा हेतु संगठित प्रयास करने वाली प्रसिद्ध नर्स। इन्हें 'लेडी विद द लैम्पÓ के उपनाम से भी जाना जाता है।
गुरू गोबिंद सिंह (1666-1708 ई.)- सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरू जिन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की (आनंदपुर, 1699 ई.)। सिक्खों को एक लड़ाकू जाति के रूप में व्यवस्थित किया।

गाँधी, महात्मा (1869-1948 ई.)- बापू व राष्टï्रपिता के नाम से विख्यात महात्मा गाँधी को विश्व के महानतम व्यक्तियों में से एक माना जाता है। उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए सत्याग्रह व अहिंसा जैसे अभिनव अस्त्रों का प्रयोग किया। 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोड़से ने उनकी हत्या कर दी।
गैरीबाल्डी (1807-1882 ई.)- इटली के एकीकरण में मुख्य भूमिका निभाई। इन्होंने मैजिनी के साथ मिलकर इटली में 'यंग इटलीÓ मूवमेंट चलाया।
गोपाला- बँगाल के पाल वंश के संस्थापक (750 ई.)।
गोविन्द- महानतम राष्ट्रकूट शासक जिसने प्रतिहार, चोल, पांड्य, गंगा व पल्लव को हराया।
गुरू नानक देव (1469-1538 ई.)- सिक्ख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरू। इनका जन्म नानकाना साहिब (पाकिस्तान) में हुआ था।
गुरू तेग बहादुर- ये सिक्खों के नौवें गुरू थे। 1675 ई. में औरंगजेब ने इनकी हत्या करवा दी थी।
कैप्टेन जेम्स कुक (1728-1779 ई.)- ब्रिटिश नौचालक जो अंटार्कटिक वृत्त दक्षिण की यात्रा करने वाले प्रथम मानव बने। उन्होंने प्रशांत महासागर की भी खोज की।
चार्ली चैपलिन (1889-1977 ई.)- इंग्लैण्ड में जन्में विश्वविख्यात अमेरिकी हास्य अभिनेता और निर्देशक। प्रमुख फिल्में- 'द ट्रैम्पÓ, 'द किडÓ, 'द गोल्ड रसÓ, 'द सर्कसÓ, 'सिटी लाइट्सÓ, 'द ग्रेट डिक्टेटरÓ, 'लाइमलाइटÓ।
चाल्र्स डार्विन (1809-1862 ई.)- महान जीव वैज्ञानिक, जिन्होंने दक्षिणी सागर के वन्य जीवन का गहरा अध्ययन करने के उपरांत अपनी पुस्तक 'द ओरीजिन ऑफ स्पीसीज़Ó की रचना की। उनके अनुसार मानव का विकास वानर समान पूर्वज से हुआ है।
चाल्र्स डिकेन्स (1812-1870 ई.)- विक्टोरियन इंग्लैंड के महानतम उपन्यासकारों में से एक। प्रसिद्ध उपन्यास 'ऑलिवर ट्विस्ट', 'ग्रेट एक्सपेक्टेशन्सÓ, 'डेविड कॉपरफील्डÓ आदि।
कन्फ्यूशियस (लगभग 551-479 ई. पू.)- चीनी दार्शनिक और राजनीतिक चिंतक, जिनके चिंतन का प्रभाव चीन में आधुनिक काल तक रहा।
कार्ल बेंज (1844-1929 ई.)- जर्मन इंजीनियर जिन्होंने 1895 ई. में आंतरिक दहन इंजन (Internal Combustion Engine) का आविष्कार किया।
एडवर्ड जेन्नेर (1749-1823 ई.)- अंग्रेज वैज्ञानिक जिसने चेचक (Small Pox) के टीके का आविष्कार किया।
गैब्रियल फारेनहाइट (1686-1736 ई.)- जर्मन-डच वैज्ञानिक जिन्होंने प्रथम मरकरी और फारेनहाइट थर्मामीटर का निर्माण किया।
गुग्लीमो मारकोनी (1874-1937 ई.)- इतालवी विद्युत इंजीनियर एवं रेडियो का आविष्कारक। 1909 ई. में उन्हें नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
गैलीलियो (1564-1642 ई.)- इतालवी खगोलविद् जिन्होंने शक्तिशाली दूरबीन का आविष्कार किया और बृहस्पति के उपग्रहों की खोज की। उन्होंने सूर्य-केन्द्रित कोपरनिकस सिद्धांत का समर्थन किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें मृत्युदंड दिया गया।

ग्रेगर जोहन मेंडल (1822-1884 ई.)- ऑस्ट्रियाई वनस्पतिशास्त्री जिन्होंने अनुवांशिकता के सिद्धांतों की खोज की।
गाट्टलिब डेमलर (1834-1900 ई.)- आंतरिक दहन इंजन के आविष्कारकर्ता जिन्होंने कार्ल बेंज के साथ संयुक्त रूप से डेमलर बेंज कम्पनी की स्थापना की।
जॉन डाल्टन (1766-1844 ई.)- अंग्रेज रसायनशास्त्री जिन्होंने परमाणु सिद्धांत का प्रतिपादन किया और परमाणु भारों (Atomic Energy) की आवर्त सारणी का प्रकाशन किया।
जॉर्ज वाशिंगटन (1732-1799 ई.)- अमेरिकी जनरल और प्रथम राष्ट्रपति (1789-92 ई.)। 1781 ई. में यॉर्कशायर में कॉर्नवालिस को पराजित किया जिससे अमेरिका को स्वतंत्रता मिली। 1789 ई. में अमेरिका के प्रथम राष्टï्रपति बने।
जॉन एफ. कैनेडी (1917-1963 ई.)- 35वें अमेरिकी राष्ट्रपति (1960-65)। इनके कार्यकाल में ही क्यूबा मिसाइल संकट पैदा हुआ (1962 ई.)। किंतु इनके कार्यकाल के दौरान ही 'आंशिक परमाणु प्रतिबंध संधिÓ पर हस्ताक्षर किए गए (1963 ई.)। 1963 में डलास में हत्या।
जॉन कैबो (1425 -1500 ई.)- इतालवी भौगोलिक अन्वेषणकर्ता और नौचालक। इंग्लैण्ड के शासक हेनरी सप्तम के प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्तरी अमेरिकी की खोज की।
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ (1856-1950 ई.)- आयरलैण्ड में जन्में नाटककार एवं आलोचक। प्रमुख नाटक 'सीज़र एण्ड क्लियोपेट्राÓ, 'मेजर बारबराÓ, 'पिग्मेलियॉनÓ इत्यादि।
जीसस क्राइस्ट (4 ई. पू.-30 ई.)- ईसाई धर्म के संस्थापक, बेथलेहम में जन्म, बाल्यावस्था नाजरेथ में बीती, जॉन द बैपटिस्ट के द्वारा बपतिस्मा। 30 ई. में जेरूशलम में आगमन, इनके शिष्य जुडास ने धोखा देकर उन्हें पकड़वाया। ईशनिंदा के आरोप में सूली पर चढ़ाए गए। अपनी मृत्यु के दो दिन बाद पुनर्जीवित हुए।
जेम्स वॉट (1736-1819 ई.)- स्कॉटलैण्ड के इंजीनियर जिन्होंने प्रथम बार वाष्प शक्ति का अवलोकन किया। इनके नाम पर ही शक्ति की एक मापन इकाई का नाम 'वाटÓ रखा गया।
जोसेफ प्रीस्टले (1733-1804 ई.)- अंग्रेज रसायनशास्त्री जिन्होंने ऑक्सीजन, अमोनिया, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइडों की खोज की।
जॉन मिल्टन (1608-1674 ई.)- इंग्लैण्ड के ख्याति प्राप्त महाकाव्य लेखक और कवि जो अंधे थे। इनके प्रसिद्ध महाकाव्य- 'पैराडाइज लॉस्ट' तथा 'पैराडाइज़ गेन्ड'।
जीन हेनरी डुनेन्ट (1509-1564 ई.)- स्विज़ समाजसेवी जिन्होंने रेडक्रॉस की स्थापना की (1864 ई.)। जिनेवा कन्वेंशन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जस्टिनियन प्रथम (483-565 ई.)- 537 ई. से रोमन बाइजेन्टिनियाई सम्राट, जो अपने प्रशासनिक सुधारों के लिए प्रसिद्ध थे।
जोसे डि सैन मार्टिन (1778-1850 ई.)- अर्जेन्टीनियाई क्रांतिकारी जिन्होंने दक्षिणी अमेरिकी देशों को स्पेनी औपनिवेशवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उनके प्रयासों से अर्जेन्टीना (1814-16 ई.), चिली (1817-18 ई.) और पेरू (1821 ई.) को स्वतंत्रता मिली।
जैकस कार्टियर (1491-1577 ई.)- फ्रांसीसी नौचालक जिन्होंने न्यूफाउंडलैंड (कनाडा) की खोज की।
जॉन डनलप (1840-1921 ई.)- स्कॉटलैंडवासी वैज्ञानिक जिन्होंने न्यूमेटिक टायर का आविष्कार किया।
जेम्स जूल (1818-1889 ई.)- इंग्लिश वैज्ञानिक जिन्होंने ऊष्मा के बारे में क्रांतिकारी नियम प्रतिपादित किए। 'ऊर्जा के संरक्षण का नियमÓ (Law of Conservation of energy) का प्रतिपादन उन्होंने ही किया। उन्हीं के नाम पर ऊर्जा की इकाई का नामकरण 'जूलÓ किया गया।
जोसेफ स्टालिन (1879-1953 ई.)- सोवियत संघ का निरंकुश शासक। 1922 ई. से सोवियत कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और 1924 में सोवियत संघ के शासक। कम्युनिस्ट पार्टी में अपने विरोधियों की हत्या के दोषी। मित्र राष्ट्रों के ओर से द्वितीय विश्वयुद्ध में भाग लिया। जर्मन आक्रमण को निष्फल किया।

विश्व विख्यात व्यक्तित्व

विश्व विख्यात व्यक्तित्व
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जॉर्ज ऑरेवल (1903-1950 ई.)- इंग्लैंडवासी उपन्यासकार जिन्होंने आने वाले भविष्य की तस्वीरें अपने उपन्यासों में पेश कीं। प्रमुख उपन्यास 'एनीमल फार्म', 'नाइनटीन एट्टफोर' आदि।
डब्ल्यू ए. मोजार्त (1756-1791 ई.)- ऑस्ट्रिया के प्रख्यात संगीतज्ञ, जिन्हें विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध संगीतकारों में से एक माना जाता है।
डेन बेन गुरऑन (1886-1993 ई.)- इज़रायली राजनीतिज्ञ और प्रथम प्रधानमंत्री (1948-53 ई; 1955-63 ई.)।
डेविड (लगभग 1000 ई. पू.)- एकीकृत इज़रायल के प्रथम राजा और गोलिएथ के वधकर्ता। जीसस क्राइस्ट के पूर्वज।
डेंग जिआओपिंग (1904-1997 ई.)- चीनी कम्युनिस्ट राजनीतिज्ञ व कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव (1956-57 ई.)। चीन में आधुनिकीकरण और अर्थव्यवस्था सुधार का श्रेय इन्हें ही दिया जाता है।
दमित्री मेंडेलीव (1834-1907 ई.)- रूसी रसायनशास्त्री जिन्होंने रासायनिक तत्वों की 'आवत्र्त तालिका' (PEriodic Table) का निर्माण करके उसे व्यवस्थित किया।
बार्थोलोम्यू डियाज़ (लगभग 1450-1500 ई.)- प्रसिद्ध पुर्तगाली नाविक जिसने सबसे पहले अफ्रीका के दक्षिण-पूर्व तट पर स्थित 'केप ऑफ गुड होप' की खोज की।
जोहानेस गुटेनबर्ग (1398-1468 ई.)- जर्मन वैज्ञानिक जिन्होंने प्रिंटिंग मशीन का आविष्कार करके आधुनिक प्रिंटिंग का मार्ग प्रशस्त किया।
हम्मूराबी (मृत्यु 1750 ई. पू.)- बेबीलोन के सम्राट जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को संचालित करने के लिए कानूनी संहिता का निर्माण किया।
हन्नीबल (247-182 ई. पू.)- प्राचीन विश्व के सर्वाधिक सफल जनरलों में से एक।
हर्षवद्र्धन (शासन 606-647 ई. पू.)- उत्तर भारत के अंतिम महान हिन्दू सम्राट। उन्होंने अपनी राजधानी थानेसर से कन्नौज स्थानांतरित की। पुलकेशिन द्वितीय के हाथों पराजित।
हेरोडोटस- ग्रीक दार्शनिक जिन्हें 'इतिहास का जनक' माना जाता है।
हिटलर, एडोल्फ (1889-1945 ई.)- ऑस्ट्रिया में जन्मा तानाशाह जिसका 20वीं सदी में जबर्दस्त प्रभाव पड़ा। उसने जर्मन पार्टी की स्थापना की और 1933 में देश का चांसलर बना। 1939 में जर्मनी ने पोलैण्ड पर आक्रमण किया जिससे द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई। सोवियत संघ और उत्तरी अफ्रीका में पराजय के बाद उसने आत्महत्या कर ली।
होमर (9वीं शताब्दी ई. पू.)- ग्रीक लेखक जिन्होंने कालजयी महाकाव्य 'द इलियड एंड ओडिसी' का सृजन किया।
हुमायूँ (1508-1556 ई.)- बाबर का ज्येष्ठï पुत्र जो 1530 में उसका उत्तराधिकारी बना। 1540 में शेरशाह सूरी के हाथों पराजय। 1555 में दिल्ली पर पुन: विजय।
हैदर अली (1721-1782 ई.) - 1761 ई. में मैसूर के राजा नंजराजा को अपदस्थ करके हैदर अली सुल्तान बना। 1782 में द्वितीय एंग्लो-मैसूर युद्ध के दौरान मृत्यु।
इब्न बतूता (1304-1378 ई.)- 1333 में भारत आने वाला अफ्रीकी (तांजियर) यात्री। उसने आठ वर्ष भारत मेें बिताए और मुहम्मद-बिन-तुगलक के शासनकाल के बारे में काफी कुछ लिखा।
जयदेव- 12वीं शताब्दी में प्रसिद्ध संस्कृत कृति 'गीत गोविंद' के रचनाकार।
कल्हण- 11वीं शताब्दी के कश्मीरी कवि और 'राजतरंगिणी' के लेखक जिसमें कश्मीर के इतिहास का वर्णन किया गया है।
कालीदास (लगभग 400 ई.)- संस्कृत के महान कवि व नाट्य लेखक कालीदास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नौ रत्नों में से एक थे। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'शकुंतला', 'रघुवंश', 'मेघदूत', और 'कुमार संभव' शामिल हैं।
कंबन- वे चोल सम्राट के दरबारी कवि थे और उन्होंने रामायण का तमिल भाषा में अनुवाद किया।
कनिष्क (120-162 ई.)- कुषाण वंश का महानतम सम्राट; बौद्ध धर्म का उपासक जिसका साम्राज्य मध्य-एशिया तक फैला था।
करिकाल- दूसरी शताब्दी ई. का प्रसिद्ध चोल सम्राट जिसने साम्राज्य की राजधानी पुहार (वर्तमान कावेरीपट्टनम) का निर्माण कराया।
कबीर (1440-1515 ई.)- निर्गुण भक्ति धारा के संत कवि और रामानंद के शिष्य कबीर ईश्वर की अखंडता में विश्वास करते थे और हिंदू-मुस्लिम एकता के पक्षधर थे।

खारवेल- कलिंग (उड़ीसा) का प्राचीनकाल में महानतम सम्राट जिसके बारे में 'हाथीगुम्फा शिलालेख' से जानकारी मिलती है।
ख्वाज़ा मुइनुद्दीन चिश्ती (12वीं शताब्दी)- भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक सूफी संत। वे 1192 में भारत आए।
कृष्णादेव राय (शासन 1509-1530 ई.)- विजयनगर साम्राज्य के महानतम शासक। वे तेलुगू व संस्कृत के विद्वान थे और उन्होंने 'अमुक्तमलयादा' नामक पुस्तक की रचना की।
लियोनार्डो डि विन्ची (1452-1519 ई.)- इतालवी कलाकार, स्थापत्यकार, वास्तुशास्त्री, इंजीनियर, आविष्कारकर्ता, वैज्ञानिक व गणितज्ञ। इन्हें पुनर्जागरण का प्रतिनिधि पुरुष माना जाता है। 'मोनालिसाÓ और 'द लास्ट सपर' भित्ति चित्रों का निर्माण।
लाल बहादुर शास्त्री (1904-1966 ई.)- 1964 ई. में वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने। उनके शासनकाल के दौरान भारत-पाक युद्ध (1965) हुआ जिसकी परिणति ताशकंद समझौते में हुई। ।

लाला लाजपत राय (1865-1928 ई.)- 'पंजाब के शेरÓ के उपनाम से विख्यात लाला लाजपत राय ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। साइमन कमीशन के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज से मौत।
लाओ त्जु (600 ई. पू.)- चीनी दार्शनिक और ताओवाद के संस्थापक।
लक्ष्मीबाई, झाँसी की रानी (1835-1858 ई.)- झाँसी की शासक जो एक महान योद्धा थीं। उन्होंने 1857 के गदर के दौरान अपनी वीरता से अंग्रेजों के दाँत खट्ट किए।
लेनिन, व्लादीमिर (1870-1924 ई.)- रूसी क्रांतिकारी नेता व बोल्शेविक पार्टी के संस्थापक जिन्होंने 1917 की रूसी क्रांति का नेतृत्व किया। 1922 में सोवियत संघ की स्थापना की।
लिंकन, अब्राहम (1809-1866 ई.)- सं. रा. अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति जिन्होंने दास-प्रथा का उन्मूलन किया। 1865 ई. में जॉन विल्केस बूथ के हाथों हत्या।
मैकियावेली, निकोलो (1469-1527 ई.)- इतालवी राजनीतिशास्त्री व दार्शनिक। प्रसिद्ध कृति 'प्रिंस'।
मैगेलान, फर्डीनांड (1480-1521 ई.)- पुर्तगाली अन्वेषणकर्ता जिन्होंने 1522 ई. में पृथ्वी की परिक्रमा की।
महावीर (540-468 ई. पू.) - वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म वैशाली के पास हुआ था। 42 वर्ष की आयु में उन्हें कैवल्य (आध्यात्मिक ज्ञान) की प्राप्ति हुई। भगवानमहावीर ने अपनी शिक्षाओं में अहिंसा पर विशेष जोर दिया।
मार्को पोलो (1254-1324 ई.)- वेनिसवासी व्यापारी व यात्री। चीन की यात्रा (1271-92 ई.)। इनके यात्रा वृतांत यूरोप में काफी प्रसिद्ध हुए।
माओ त्से तुंग (1893-1976 ई.)- चीनी कम्युनिस्ट चिंतक व क्रांतिकारी। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना में मुख्य भूमिका (1921 ई.)। दक्षिण-पूर्वी चीन में कम्युनिस्ट रिपब्लिककी स्थापना (1931-34 ई.)। 1934 ई. में ऐतिहासिक लाँग मार्च। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद चियाँग काई शेक को पराजित करके देश के राष्ट्राध्यक्ष बने। सांस्कृतिक क्रांति के दौरान विरोधियों का दमन (1966-69 ई.)।
मार्टिन लूथर (1483-1568 ई.)- जर्मन धर्मशास्त्री व धर्म सुधारक। उन्होंने पोप की सत्ता के खिलाफ विद्रोह किया जिससे प्रोटेस्टेंटवाद का उदय हुआ।
मार्टिन लूथर किंग जू. (1929-1968 ई.)- अमेरिकी अश्वेतों के नेता। 'सदर्न क्रिश्चियन लीडरशिप कांफ्रेंस' के संस्थापक। जेम्स अर्ल द्वारा हत्या।
माक्र्स, कार्ल (1818-1883 ई.)- जर्मन अर्थशास्त्री व वैज्ञानिक कम्युनिज्म के प्रतिपादक। उन्होंने एंगेल्स के साथ संयुक्त रूप से मिलकर समाजवाद व साम्यवाद की आधुनिक अवधारणाओं का विकास किया। 'दास कैपीटलÓ के लेखक जिनका आधुनिक युग पर जबर्दस्त प्रभाव पड़ा।

मैजिनी- इतालवी राष्ट्रवादी जो 1848 में इटली गणतंत्र के तानाशाह बने। उन्होंने एक स्वतंत्र व एकीकृत इटली की वकालत की।
मेगास्थनीज़- चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में ग्रीक राजदूत, जिन्होंने अपनी 'इंडिका' नामक पुस्तक में मौर्य प्रशासन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
माइकेलएंजिलो (1475-1564 ई.)- इटली के महान चित्रकार एवं मूर्तिकार। इसके द्वारा बनाई गई उत्कृष्टï मूर्तियाँ हैं- पीटर, डेविड, मोजेज आदि जबकि चित्रकृतियाँ हैं- दिवस, रात्रि, ऊषाकाल तथा गोधूलि। इनकी सबसे खूबसूरत चित्रकृति है- 'द लास्ट जजमेंट'।
मुसोलिनी, बेनितो (1883-1945 ई.)- इतालवी फासिस्ट तानाशाह (1922-43 ई.), द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी और जापान के साथ धुरी का निर्माण। युद्ध में इटली की हार के बाद उसे मृत्युदंड दे दिया गया।
नादिर शाह (1688-1747 ई.)- फारस का बादशाह जिसने 1739 में भारत में आक्रमण करके भयंकर मारकाट की।
नाना साहब पेशवा (1800-1859 ई.)- पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र जिन्होंने 1857 के गदर में केंद्रीय भूमिका निभाई।
नेपोलियन बोनापार्ट (1769-1821 ई.)- फ्रांसीसी सेना के प्रसिद्ध नायक जो 1804 ई. से 1815 ई. तक फ्रांस के सम्राट रहे। उन्होंने इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया और रूस के खिलाफ अनेक युद्धों मेंसफलता प्राप्त की, लेकिन 1815 ई. में वाटरलू युद्ध में पराजित हुए।
नरसिंह वर्मन- पल्लव सम्राट जिसने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को पराजित करने के बाद 'वातापीकोंडा' की उपाधि धारण की।
पंपा, पोन्ना, रन्ना- जैन विद्वान जिन्हें कन्नड़ कविता का त्रिरत्न माना जाता है।
पाणिनी- प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरणकार जिन्होंने 'अष्टध्यायी' लिखी।
पतंजलि- इन्होंने पाणिनी की 'अष्टाध्यायी' पर 'महाभाष्य' नामक टीका लिखी। उन्होंने योग पर 'योगसूत्र' नामक ग्रंथ लिखा।
पटेल, सरदार वल्लभभाई (1875-1950 ई.)- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख हस्ती। भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल ने रजवाड़ों के भारतीय संघ में विलय में मुख्य भूमिका अदा की।
प्लेटो (429-347 ई.)- ग्रीक दार्शनिक जिनका पश्चिम पर व्यापक प्रभाव पड़ा। प्रमुख कृतियाँ- 'द रिपब्लिक' और 'द लाज़॥
प्लिनी (23-79 ई.)- रोमन इतिहासकार व प्रकृतिवादी। प्रसिद्ध कृति- 'नेचुरल हिस्ट्री'।
पुलकेशिन द्वितीय (शासन 608-642 ई.)- दक्कन के चालुक्य वंश का सबसे शक्तिशाली सम्राट जिसने हर्षवद्र्धन को पराजित किया था।
राजगोपालाचारी, चक्रवर्ती (1878-1972 ई.)- भारत के अंतिम व प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल (1948-1950 ई.)। स्वतंत्रता के बाद स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की।
राजा राममोहन रॉय (1777-1833 ई.)- बँगाल के समाज सुधारक जिन्होंने सती, पर्दाप्रथा और बालविवाह के उन्मूलन के लिए काफी प्रयास किया। उन्होंने विधवा विवाह और महिला शिक्षा का भी समर्थन किया। वे 'ब्रह्मï समाज' के संस्थापक थे।
राजराजा चोल- चोल सम्राट जिसने श्रीलंका पर आक्रमण किया और उसके उत्तरी भाग को अपने राज्य में मिला लिया। तंजौर में राजाराजेश्वर मंदिर का निर्माण कराया।
रवींद्रनाथ टैगोर (1861-1941 ई.)- कवि, उपन्यासकार व दार्शनिक। बंगाल में उन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना की। नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले एशियाई (गीतांजलि)। प्रमुख कृतियाँ- गोरा, डाकघर, घरे बायरे इत्यादि।

राजेंद्र चोल- चोल वंश का शक्तिशाली सम्राट जिसने बंगाल तक आक्रमण किया और 'गंगईकोंडाचोलापुरम' की उपाधि धारण की।
रामानुज (11वीं शताब्दी)- दक्षिणी भारतीय संत व विशिष्टाद्वैतवाद के प्रणेता।
महाराणा प्रताप (16वीं शताब्दी)- मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी के युद्ध में पराजय के बावजूद अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
तेनजिंग नोर्गे (1914-1986 ई.)- नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही जिन्होंने विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर सर एडमण्ड हेलरी के साथ 1953 ई. में प्रथम बार विजय प्राप्त की।
थॉमस अल्वा एडीसन (1864-1931 ई.)- महान आविष्कारक वैज्ञानिक जिन्हें 1,000 से अधिक आविष्कारकारों जैसे विद्युत बल्ब, ग्रामोफोन, चलचित्र आदि का श्रेय प्राप्त है।
थॉमस माल्थस (1766-1834 ई.)- 28 वें अमेरिकी राष्टïरपति (1913-21 ई.)। 'लीग ऑफ नेशंस' के संस्थापक।
नील्स बोह्र (1865-1926 ई.)- डेनमार्कवासी भौतिकविद् जिन्हें परमाणु संरचना पर उनके महत्वपूर्ण कार्य के लिए 1922 ई. में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
नीरो (37-68 ई.)- 54 ई. से रोमन सम्राट। अत्याचारी शासक जिसने रोम के जलने (64 ई.) के बाद ईसाईयों पर अत्याचार किए।
नील आर्मस्ट्राँग (1930 ई-)- अमेरिकी अंतरिक्षयात्री जो चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले मानव बने।
निकिता ख्रुश्चेव (1894-1971 ई.)- सोवियत कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव (1953-64 ई.) और राष्ट्राध्यक्ष (1958-64 ई.)।
निकोलस प्रथम (1796-1855 ई.)- 1825 ई. से रूस का ज़ार, एक निरंकुश शासक जिसने अपने राज्य में सभी नागरिकों पर रूसीकरण की प्रक्रिया लादने की कोशिश की।
पाइथागोरस (लगभग 582 ई. पू. - लगभग 497 ई. पू.)- ग्रीक दार्शनिक जिन्होंने ज्यामिति में पाइथागोरस प्रमेय की अवधारणा प्रस्तुत की।
पीटर प्रथम 'महानÓ (1659-1706 ई.)- अंग्रेज राजनीतिज्ञ और दार्शनिक। उनकी प्रमुख कृति 'एडवांसमेंट एंड लर्निंगÓ है। इसमें उन्होंने प्रकृति को समझने के लिए प्रयोग एवंवैज्ञानिक आगम की महत्ता पर जोर दिया।
बालजक (1799-1850 ई.)- फ्रांसीसी लेखक। उन्होंने 'ल कॉमेडी ह्यूमनÓ शीर्षक के अंतर्गत कई उपन्यास लिखे।
मिखाइल गोर्बाच्योव (1931 ई.-)- सोवियत कम्युनिस्ट शासक (1985-91 ई.)। 'ग्लासनोस्त व पेरेस्त्रोइका' की नीति के द्वारा उन्होंने राजनीतिक और आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। 1991 में सोवियत संघ के विखण्डन के बाद इस्तीफा।
माइकेल फैराडे (1791-1867 ई.)- अंग्रेज वैज्ञानिक जिन्होंने वैद्युत-चुम्बकीय विज्ञान की आधारशिला रखी एवं निम्नतापिकी(Cryogenics) पर महत्वपूर्ण शोधकार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्युत मोटर एवं जेनरेटर का भी आविष्कार किया।
मैरी क्यूरी (1867-1935 ई.)- पोलैंड की प्रसिद्ध भौतिकविद् एवं रसायनशास्त्री जिन्होंने अपने पति पियरे क्यूरी के साथ रेडियम की खोज की। इन्हें दो बार 1903 व 1911 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
यूरी गगारिन (1934-1986 ई.)- रूसी अंतरिक्षयात्री जो अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले पहले मानव बनें।
रॉबर्ट कोच (1858-1913 ई.)- जर्मन जीवाणु विज्ञानी, जिन्होंने एंथ्रेक्स टीके का आविष्कार किया। उन्होंने तपेदिक एवं अतिसार के जीवाणुओं का पृथ्थकरण भी किया।
रोम्याँ रोलाँ (1886-1944 ई.)- फ्रांसीसी साहित्यकार। 1915 ई. में 10 खण्डों में लिखी पुस्तक 'जीन ब्रिस्टोफे' के लिए साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।
लॉर्ड केल्विन (1824-1907 ई.)- स्कॉटिश गणितज्ञ और भौतिकविद्। उन्होंने परमशून्य स्केल का विकास किया।
लुई पॉश्चर (1822-1895 ई.)- फ्रांसीसी रसायनशास्त्री जिन्होंने अवधारणा पेश की कि बीमारियों का मुख्य कारण जीवाणु होते हैं।
वॉल्टेयर (1694-1778 ई.)- फ्रांस के प्रसिद्ध दार्शनिक एवं लेखक। इनकी सबसे प्रसिद्ध रचना कैंडाइड है जिसमें दार्शनिक व्यंग्यों का संकलन है।
विलियम हार्वे (1578-1657 ई.)- अंग्रेज भौतिकविद्। 1935 में न्यूट्रॉन की खोज के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
सिग्मंड फ्रायड (1856-1939 ई.)- ऑस्ट्रियाई मनोचिकित्सक जिन्होंने चेतन और अवचेतन मन की अवधारणा प्रस्तुत की।
बंकिम चंद्र चटर्जी - भारत के राष्टï्रगीत 'वंदे मातरम्Ó के रचियता जिसे उनके उपन्यास 'आनंद मठÓ से लिया गया है.
चैतन्य महाप्रभु (1445-1533 ई.)- बँगाल में भक्ति आंदोलन के जन्मदाता जिन्होंने कृष्ण भक्ति का प्रचार किया।
जमशेदजी टाटा (1813-1904 ई.)- टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) के संस्थापक।
जवाहरलाल नेहरू (1889-1964 ई.)- भारत के प्रथम प्रधानमंत्री (1947-64 ई.)। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गाँधी के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका। गुटनिरपेक्षआंदोलन की स्थापना में मुख्य भूमिका।
इंदिरा गाँधी (1917-1984 ई.)- भारत के दो बार प्रधानमंत्री (1966-77; 1980-84)। 1971 ई. में भारत-पाक युद्ध के बाद बांग्लादेश को स्वतंत्रता दिलाई। 1984 ई. में अपने अंगरक्षकों के हाथों हत्या।
महाराजा रंजीत सिंह (1780-1833 ई.)- पंजाब के सिख महाराजा जिन्होंने 1799 में लाहौर पर कब्जा जमाया। उन्होंने अफगानों से पंजाब छीना।
रूजवेल्ट, फ्रैंकलीन (1882-1945 ई.)- 32वें अमेरिकी राष्ट्रपति (1933-45 ई.)। इन्होंने 1929 की मंदी का मुकाबला करने के लिए राष्ट्रीयकरण की नीति अपनाई।
रूसो, जीन जैकस (1712-1778 ई.)- फ्रांस के महान दार्शनिक जो अपने सामाजिक संविदा सिद्धांत (Social Contract Theory) के कारण चर्चित हुए। इनकी शिक्षाओं और रचनाओं के प्रभाव से ही फ्रांस में क्रांति हुई।
समुद्रगुप्त (330-375 ई.)- चंद्रगुप्त प्रथम के पुत्र व उत्तराधिकारी व शक्तिशाली हिंदू सम्राट। उन्हें अपनी विजय की वजह से 'भारत का नेपोलियनÓ भी कहा जाता है।
शंकराचार्य (700-750 ई.)- आदिगुरु शंकराचार्य ने हिंदू अद्वैत दर्शन के प्रसार-प्रचार के लिए देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना की, हिंदू धर्म के पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका। उनके अद्वैतवाद के दर्शन से हिंदू धर्म काफी गहरे तक प्रभावित हुआ है।

स्वामी विवेकानंद (1863-1902 ई.)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य जिन्होंने वेदांत दर्शन से विश्व को परिचित कराया। 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन के दौरान उनके दिए गए भाषण से विश्व भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित हुआ। उन्होंने समाजसेवा के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
सरोजनी नायडू (1879-1949 ई.)- इन्हें 'नाइटेंगेल ऑफ इंडियाÓ भी कहा जाता है। वे अंग्रेजी की प्रख्यात कवियत्री थीं। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 1925 में काँग्रेस की अध्यक्ष बनीं। वे उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला गवर्नर थीं।
शाहजहाँ (1592-1666 ई.)- मुगल सम्राट जिनकी ख्याति कला, स्थापत्य और साहित्य के प्रेमी के रूप में है। शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया।
शेक्सपियर, विलियम (1564-1616 ई.)- अंग्रेजी के महानतम कवि एवं नाटककार। उन्होंने 37 नाटक लिखे जिसमें हास्य, ऐतिहासिक, त्रासदी और त्रासद- हास्य नाटक शामिल हैं। प्रमुख नाटक- 'हेमलेटÓ, 'मैकबेथÓ, 'ओथेलोÓ, 'किंग लियरÓ, 'रोमियो एंड जूलियटÓ, 'ए मिडसमर नाइट्स ड्रीमÓ, 'द टेम्पेस्टÓ, 'हेनरी-5Ó और 'जूलियस सीज़रÓ।
सर आइजक न्यूटन (1642-1727 ई.)- अंग्रेज वैज्ञानिक जिन्हें आधुनिक भौतिकी का जनक माना जाता हैै। गति व गुरुत्वाकर्षण के नियमों के प्रतिपादन का श्रेय। प्रसिद्ध कृति 'प्रिंसिपियाÓ के लेखक।

शेरशाह सूरी (1472-1545 ई.)- उसने 1540-45 ई. के मध्य शासन किया। वह प्रथम मुस्लिम शासक था जिसने प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया। उसके शासनकाल में ही ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण हुआ।
शिवाजी (1627-1680 ई.)- गुरिल्ला युद्ध में माहिर शिवाजी ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़कर मराठा साम्राज्य की नींव रखी।
स्मिथ, एडम (1723-1790 ई.)- स्कॉटिश अर्थशास्त्री जिन्हें अर्थशास्त्र का जनक कहा जाता है। प्रसिद्ध कृति- 'वेल्थ ऑफ नेशंसÓ।
तानसेन (लगभग 1492-1589 ई.)- भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान प्रतिनिधि। वे अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।
टोडरमल (1556-1605 ई.)- अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक और राजस्व मंत्री।
तुलसीदास (1552-1630 ई.)- महान हिंदी कवि, संत जिन्हें उनकी रचना 'रामचरितमानस' के लिए जाना जाता है। रामचरितमानस आज भी करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केद्र बिंदु है।
वाल्मीकि- प्राचीन भारत के महान संस्कृत कवि व ऋषि जिन्होंने रामायण की रचना की।
वास्को-डि-गामा (1460-1524 ई.)- पुर्तगाली नौचालक जिसने भारत के लिए समुद्री रास्ते की खोज की (1498 ई.)।
अमेरिगो वेसपुसी (1451-1512 ई.)- भौगोलिक खोजकर्ता जिन्होंने दक्षिणी अमेरिकी तट की खोज की; इन्हीं के नाम पर अमेरिका का नामकरण किया गया।
विक्टोरिया (1819-1901 ई.)- 1837 ई. से ब्रिटेन की महारानी। 1876 से भारत की महारानी। ब्रिटिश राजतंत्र की छवि को शीर्ष तक पहुँचाया।

मस्त लाइफ इसे कहते हैं

मस्त लाइफ इसे कहते हैं :-
जेब में लेटेस्ट 'स्मार्ट फ़ोन' हो ..... घूमने के लिए लक्ज़री कार हो ......
''मुकेश अम्बानी'' के बाजू में आपका बंगला हो.....
और ''नीता अम्बानी भाभी'' आपके घर की डोर बेल बजाकर कहे ...........
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"एक कटोरी चीनी मिलेगी ?"

सेलरी में इतना अंतर क्यूँ है ?

एक मोटर मेकेनिक कार के इंजिन के पुर्जे खोल कर सुधार रहा था कि तभी शहर के नामचीन हार्ट सर्जन उसकी गैराज में आ पहुंचे.

मेकेनिक ने डॉक्टर साहब से कहा – “ज़रा इस इंजिन को देखिये डॉक्टर साहब. मैंने इसके दिल को खोलकर वाल्व निकाले और सुधार कर वापिस लगा दिए हैं.
कुछ ऐसा ही काम आप भी करते हैं. फिर हमारी सेलरी में इतना अंतर क्यूँ है ?”

डॉक्टर साहब मुस्कुराए और धीरे से मेकेनिक के कान में बोले – “यही काम तब करके दिखाओ जब इंजिन चालू हो …. !”

पानी तक भी नहीं पूछा

पति काम से घर जल्दी आ गया,
.
पत्नी ने ये देखा तो घबरा कर
प्रेमी को पाउडर लगा कर, कोने में मूर्ति की तरह खड़ा कर दिया.

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पति कमरे में आया तो उसने मूर्ती देखी और पूछा
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पति-:"ये क्या है?"
.
पत्नी मुस्कुराते हुए बोली:"जी ये मूर्ति गुप्ता जी ने दी है."
.
पति कुछ ना बोला, और काम काज में व्यस्त हो गया
.
आधी रात को उठ कर मूर्ति के आगे सेंडविच रख कर बोला.

पति-:"खा लो गुप्ता जी, परसों मैं भी तुम्हारे घर सारी रात ऐसे ही खड़ा रहा किसी ने पानी तक भी नहीं पूछा था ..

रोचक तथ्य

रोचक तथ्य

* एस्बेस्टस पदार्थ आग में नहीं जलता।

* कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस हवा में जलती है।

* पीतल तांबा व जस्ता मिलाकर बनता है।

* लाइटर में द्रवित ब्यूटेन गैस भरी जाती है।

* रेफ्रिजरेटर में सामान्यतः फ्रियॉन गैस भरी जाती है।

* स्टेनलेस स्टील में क्रोमियम व कार्बन होता है।

* प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने में जिप्सम का उपयोग होता है।

* सबसे कठोर पदार्थ हीरा होता है।

* वाराणसी को विश्व का सबसे ऐतिहासिक नगर कहा जाता है, जहां पर
मनुष्यों का निवास लगातार रहा हो।

* 1896 तक भारत विश्व का एकमात्र हीरा उत्पादक देश था ।

propose करे तो 5 जवाब

लड़का propose करे तो लड़की के 5 जवाब हो सकते हैं …

1 – NO
2 - Yes
3 – मैं आपको सिर्फ दोस्त समझती हूँ
4- मेरी सगाई हो चुकी है
5 – मैं किसी और से प्यार करती हूँ ….

और यदि लड़की किसी लड़के को propose करे तो लड़के के 5 जवाब -

1 – हाँ
2 – Yes
3 – OK
4 – Alright
5 – me 2 …

Moral – लड़कों का दिल, दिल नहीं दरिया होता है
… !!!

गलती हो गई सर ….

ट्रेफिक पुलिस वाले ने एक बाइक सवार लड़के को सिग्नल तोड़ते हुए पकड़ लिया.

पुलिस वाला (चालान बुक निकालते हुए ) – चल नाम बोल …

लड़का – गलती हो गई सर …. !

पुलिस वाला – नाम बोल ….

लड़का – माफ कर दो सर … दोबारा ऐसा नहीं करूँगा ….

पुलिस वाला – नाम बोल ….

लड़का – प्लीज सर … इस बार जाने दो … आगे से ध्यान रखूंगा …

पुलिस वाला – नाम बोल …

लड़का – आदिमूलन गजपुरन्दर करिकालन त्रिकुलावात्ती वेंकटेश्वर स्वामी ….

पुलिस वाला (चालान बुक बंद करते हुए ) – चल अभी निकल …. आगे से रेड लाइट का ध्यान रखना !!!

भगवान शिव के 108 नाम ----

ॐ नमः शिवाय

भगवान शिव के 108 नाम ----
१- ॐ भोलेनाथ नमः
२-ॐ कैलाश पति नमः
३-ॐ भूतनाथ नमः
४-ॐ नंदराज नमः
५-ॐ नन्दी की सवारी नमः
६-ॐ ज्योतिलिंग नमः
७-ॐ महाकाल नमः
८-ॐ रुद्रनाथ नमः
९-ॐ भीमशंकर नमः
१०-ॐ नटराज नमः
११-ॐ प्रलेयन्कार नमः
१२-ॐ चंद्रमोली नमः
१३-ॐ डमरूधारी नमः
१४-ॐ चंद्रधारी नमः
१५-ॐ मलिकार्जुन नमः
१६-ॐ भीमेश्वर नमः
१७-ॐ विषधारी नमः
१८-ॐ बम भोले नमः
१९-ॐ ओंकार स्वामी नमः
२०-ॐ ओंकारेश्वर नमः
२१-ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः
२२-ॐ विश्वनाथ नमः
२३-ॐ अनादिदेव नमः
२४-ॐ उमापति नमः
२५-ॐ गोरापति नमः
२६-ॐ गणपिता नमः
२७-ॐ भोले बाबा नमः
२८-ॐ शिवजी नमः
२९-ॐ शम्भु नमः
३०-ॐ नीलकंठ नमः
३१-ॐ महाकालेश्वर नमः
३२-ॐ त्रिपुरारी नमः
३३-ॐ त्रिलोकनाथ नमः
३४-ॐ त्रिनेत्रधारी नमः
३५-ॐ बर्फानी बाबा नमः
३६-ॐ जगतपिता नमः
३७-ॐ मृत्युन्जन नमः
३८-ॐ नागधारी नमः
३९- ॐ रामेश्वर नमः
४०-ॐ लंकेश्वर नमः
४१-ॐ अमरनाथ नमः
४२-ॐ केदारनाथ नमः
४३-ॐ मंगलेश्वर नमः
४४-ॐ अर्धनारीश्वर नमः
४५-ॐ नागार्जुन नमः
४६-ॐ जटाधारी नमः
४७-ॐ नीलेश्वर नमः
४८-ॐ गलसर्पमाला नमः
४९- ॐ दीनानाथ नमः
५०-ॐ सोमनाथ नमः
५१-ॐ जोगी नमः
५२-ॐ भंडारी बाबा नमः
५३-ॐ बमलेहरी नमः
५४-ॐ गोरीशंकर नमः
५५-ॐ शिवाकांत नमः
५६-ॐ महेश्वराए नमः
५७-ॐ महेश नमः
५८-ॐ ओलोकानाथ नमः
५४-ॐ आदिनाथ नमः
६०-ॐ देवदेवेश्वर नमः
६१-ॐ प्राणनाथ नमः
६२-ॐ शिवम् नमः
६३-ॐ महादानी नमः
६४-ॐ शिवदानी नमः
६५-ॐ संकटहारी नमः
६६-ॐ महेश्वर नमः
६७-ॐ रुंडमालाधारी नमः
६८-ॐ जगपालनकर्ता नमः
६९-ॐ पशुपति नमः
७०-ॐ संगमेश्वर नमः
७१-ॐ दक्षेश्वर नमः
७२-ॐ घ्रेनश्वर नमः
७३-ॐ मणिमहेश नमः
७४-ॐ अनादी नमः
७५-ॐ अमर नमः
७६-ॐ आशुतोष महाराज नमः
७७-ॐ विलवकेश्वर नमः
७८-ॐ अचलेश्वर नमः
७९-ॐ अभयंकर नमः
८०-ॐ पातालेश्वर नमः
८१-ॐ धूधेश्वर नमः
८२-ॐ सर्पधारी नमः
८३-ॐ त्रिलोकिनरेश नमः
८४-ॐ हठ योगी नमः
८५-ॐ विश्लेश्वर नमः
८६- ॐ नागाधिराज नमः
८७- ॐ सर्वेश्वर नमः
८८-ॐ उमाकांत नमः
८९-ॐ बाबा चंद्रेश्वर नमः
९०-ॐ त्रिकालदर्शी नमः
९१-ॐ त्रिलोकी स्वामी नमः
९२-ॐ महादेव नमः
९३-ॐ गढ़शंकर नमः
९४-ॐ मुक्तेश्वर नमः
९५-ॐ नटेषर नमः
९६-ॐ गिरजापति नमः
९७- ॐ भद्रेश्वर नमः
९८-ॐ त्रिपुनाशक नमः
९९-ॐ निर्जेश्वर नमः
१०० -ॐ किरातेश्वर नमः
१०१-ॐ जागेश्वर नमः
१०२-ॐ अबधूतपति नमः
१०३ -ॐ भीलपति नमः
१०४-ॐ जितनाथ नमः
१०५-ॐ वृषेश्वर नमः
१०६-ॐ भूतेश्वर नमः
१०७-ॐ बैजूनाथ नमः
१०८-ॐ नागेश्वर नमः

प्राकृतिक संसाधन और भूमि प्रयोग

प्राकृतिक संसाधन और भूमि प्रयोग

पृथ्वी हमें प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराती है जिसे मानव अपने उपयोगी कार्र्यों के लिए प्रयोग करता है। इनमें से कुछ संसाधन को पुनर्नवीनीकृत नहीं किया जा सकता है, उदाहरणस्वरूप- खनिज ईंधन जिनका प्रकृति द्वारा जल्दी से निर्माण करना संभव नहीं है।पृथ्वी की भूपर्पटी से जीवाश्मीय ईंधन के भारी भंडार प्राप्त होते हैं। इनमें कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और मीथेन क्लेथरेट शामिल हैं। इन भंडारों का उपयोग ऊर्जा व रसायन उत्पादन के लिए किया जाता है। खनिज अयस्क पिंडों का निर्माण भी पृथ्वी की भूपर्पटी में ही होता है।
पृथ्वी का बायोमंडल मानव के लिए उपयोगी कई जैविक उत्पादों का उत्पादन करता है। इनमें भोजन, लकड़ी, फार्मास्युटिकल्स, ऑक्सीजन इत्यादि शामिल हैं। भूमि आधारित पारिस्थिकीय प्रणाली मुख्य रूप से मृदा की ऊपरी परत और ताजा जल पर निर्भर करती है। दूसरी ओर महासागरीय पारिस्थितकीय प्रणाली भूमि से महासागरों में बहकर गये हुए पोषणीय तत्वों पर निर्भर करती है।

विश्व में भूमि प्रयोग

खेती योग्य भूमि
13.13 प्रतिशत
स्थाई फसलें 4.71 प्रतिशत
स्थाई चारागाह 26 प्रतिशत
वन 32 प्रतिशत
शहरी क्षेत्र
1.5 प्रतिशत
अन्य
30 प्रतिशत


तापमान
तापमान ऊष्मा की तीव्रता अर्थात वस्तु की तप्तता की मात्रा का ज्ञान कराता है। ग्लोब को तीन तापमान क्षेत्रों में विभाजित किया गया है-
उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (Tropical zone)- यह कर्क रेखा व मकर रेखा के मध्य स्थित होता है। वर्षपर्यंत उच्च तापमान रहता है।
समशीतोष्ण क्षेत्र (Temperate zone)- यह दोनों गोलाद्र्धों में 23श 30Ó और 66श ३०ज् अक्षांशों के मध्य स्थित है।
शीत कटिबंध क्षेत्र (Frigid Zone) - दोनों गोलाद्र्धों में यह ध्रुवों और 66श ३०ज् अक्षांश के मध्य स्थित है। वर्षपर्यंत यहाँ निम्न तापमान रहता है।
पृथ्वी का औसत तापमान सदैव समान रहता है।

वायुदाब
वायुदाब को प्रति इकाई क्षेत्रफल पर पडऩे वाले बल के रूप में मापते हैं। इसका स्पष्टï तात्पर्य है कि किसी दिए गए स्थान तथा समय पर वहाँ की हवा के स्तम्भ का सम्पूर्ण भार। इसकी इकाई 'मिलीबार' कहलाती है। वायुदाब के क्षैतिज वितरण को देखने पर धरातल पर वायुदाब की 4 स्पष्ट पेटियाँ पाई जाती हैं।
भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब की पेटी (Equational Low Pressure Belt) - धरातल पर भूमध्यरेखा के दोनों ओर ५श अक्षांशों के बीच निम्न वायुदाब की पेटी का विस्तार पाया जाता है। शांत वातावरण के कारण इस पेटी को शांत पेटी या डोलड्रम भी कहते हैं।
उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब की पेटियाँ (The subtropical high pressure)- भूमध्य रेखा से ३०श-३५श अक्षांशों पर दोनों गोलाद्र्धों में उच्च वायुदाब की पेटियों की उपस्थित पाई जाती है। उच्च वायुदाब वाली इस पेटी को 'अश्व अक्षांश' (horse latitude) कहते हैं।
उपध्रुवीय निम्न वायुदाब की पेटियाँ (Sub-Polar low pressure belt)- दोनों गोलाद्र्धों में ६०श से ६५श अक्षांशों के बीच निम्न वायुदाब की पेटियाँ पाई जाती हैं।
ध्रुवीय उच्च वायुदाब की पेटियाँ (Polar high)- यह पेटियाँ ध्रुवों पर पाई जाती हैं। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान के कारण ध्रुवीय उच्च वायुदाब की पेटियों का निर्माण होता है।

पवन
क्षैतिज रूप में गतिशील होने वाली हवा को ही पवन कहते है। वायुदाब की विषमताओं को संतुलित करने की दिशा में यह प्रकृति का एक स्वभाविक प्रयास है। धरातल पर निम्न प्रकार की पवन पाई जाती हैं-
प्रचलित पवन (Prevailing Wind) - जो पवन वायुदाब के अक्षांशीय अंतर के कारण वर्ष भर एक से दूसरे कटिबंध की ओर प्रवाहित होती रहती हैं, उसे प्रचलित पवन कहते हैं। व्यापारिक पवन (trade Winds), पछुआ पवन (westerlies) व ध्रुवीय पवन (Polar winds) इत्यादि प्रचलित पवन के उदाहरण हैं|
सामयिक पवन (periodic winds)- मौसम या समय के साथ जिन पवनों की दिशा में परिवर्तन पाया जाता है, उन्हें सामयिक या कालिक पवन कहा जाता है। पवनों के इस वर्ग में मानसून पवनें, स्थल तथा सागर समीर शामिल हैं।
स्थानीय पवन (Local Winds) - स्थानीय पवनों की उत्पत्ति तापमान तथा दाब के स्थानीय अंतर की वजह से होता है। लू स्थानीय पवन का एक बेहतर उदाहरण है।
आद्र्रता वायुमण्डल में विद्यमान अदृश्य जलवाष्प की मात्रा ही आद्र्रता (Humidity) कहलाती है।
निरपेक्ष आद्र्रता (Absolute humidity) - वायु के प्रति इकाई आयतन में विद्यमान जलवाष्प की मात्रा को निरपेक्ष आद्र्रता कहते हैं.
विशिष्टï आद्र्रता (Specific Humidity) - हवा के प्रति इकाई भार में जलवायु के भार का अनुपात विशिष्टï आद्र्रता कहलाती है।
सापेक्ष आद्र्रता (Relative Humidity) - एक निश्चित तापमान पर निश्चित आयतन वाली वायु की आद्र्रता सामथ्र्य तथा उसमें विद्यमान वास्तविक आद्र्रता के अनुपात को सापेक्ष आद्र्रता कहते हैं।
बादल
वायुमण्डल में काफी ऊँचाई में जलवाष्प के संघनन से बने जलकणों या हिमकणों की विशाल राशि को बादल कहते हैं। मुख्यत: बादल हवा के रूद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया द्वारा ठण्डे होने तथा उसके तापमान के ओसांक बिन्दु तक गिरने के परिणामस्वरूप निर्मित होते हैं। ऊँचाई के अनुसार बादल निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-
ऊँचे मेघ - धरातल से 6,000 से 12,000 मी.।
मध्यम मेघ - धरातल से 2,000 से 6,000 मी.
निचले मेघ - धरातल से 2,000 मी. तक।

मानव भूगोल
जनसंख्या का तात्पर्य किसी क्षेत्र अथवा सम्पूर्ण विश्व में निवास करने वाले लोगों की संपूर्ण संख्या से होता है। पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का मात्र आठवां हिस्सा ही मानव के रहने योग्य है। संपूर्ण पृथ्वी के तीन-चौथाई हिस्से में महासागर स्थित हैं जबकि थलमंडल का के 14 फीसदी हिस्से में मरुस्थल और 27 फीसदी हिस्से में पर्वत स्थित हैं। इसके अतिरिक्त काफी ऐसा क्षेत्र है जो मानव के निवास योग्य नहीं है। पृथ्वी के सुदूर उत्तरी क्षेत्र में अंतिम मानव बस्ती एलर्ट है जो नुनावुत, कनाडा के इल्लेसमेरे द्वीप पर स्थित है। दूसरी ओर सुदूर दक्षिण में अंटार्कटिका पर अमुंडसेन-स्कॉट पोल स्टेशन है। 1650 के बाद के लगभग 300 वर्र्षों में विश्व जनसंख्या में इतनी तीव्र गति से वृद्धि हुई है जितनी किसी पूववर्ती काल में अनुमानित नहीं थी। दिसंबर 2009 के आंकड़ों के अनुसार विश्व की जनसंख्या 6,803,000,000 थी। एक मोटे अनुमान के अनुसार 2013 और 2050 में विश्व की जनसंख्या क्रमश: 7 अरब और 9.2 अरब हो जाएगी। जनसंख्या वृद्धि मुख्य रूप से विकासशील देश में ही होगी। जनसंख्या घनत्व के लिहाज से भी विश्व जनसंख्या में काफी विविधता है। दुनिया की बहुसंख्यक जनसंख्या एशिया में निवास करती है। एक अनुमान के अनुसार 2020 तक दुनिया की 60 फीसदी जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास कर रही होगी।


प्रमुख फसलें व उनके उत्पादक देश
चावल- चीन, जापान, थाईलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, ब्राजील, वियतनाम।
गेहूँ- सं. रा. अमेरिका, कनाडा, अर्जेन्टीना, फ्रांस, इटली, भारत, चीन, तुर्की।
मक्का- सं. रा. अमेरिका, मैक्सिको, ब्राजील, अर्जेन्टीना, रोमानिया, दक्षिणी अफ्रीका, भारत, चीन।
ज्वार-बाजरा- सं. रा. अमेरिका, भारत, चीन, जापान, सूडान, अर्जेन्टीना।
चाय- चीन, भारत, जापान, श्रीलंका, इंडोनेशिया।
कॉफी- ब्राजील, कोलम्बिया, मध्य अमेरिका, अंगोला, यूगांडा, जायरे।
गन्ना- क्यूबा, भारत, पाकिस्तान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, मैक्सिको।
कपास- सं. रा. अमेरिका, चीन, भारत, मिस्र, पाकिस्तान, ब्राजील।
पटसन- बांग्लादेश, भारत, ब्राजील, थाईलैंड, मिस्र, ताइवान, मलेशिया।
तम्बाकू- सं. रा. अमेरिका, चीन, क्यूबा, ब्राजील, बुल्गारिया, रूस, जापान, फिलीपीन्स।
रबड़- इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, श्रीलंका, भारत, कंबोडिया, वियतनाम, नाइजीरिया।

शादी क्या है !!????

शादी पर निबंध
!!शादी क्या है !!????

१. शादी एक खुली जेल है ।

२. शादी एक ऐसी साझेदारी है, जिसमें पूँजी पति लगाता है, लाभ
पत्नी पाती है ।

३. शादी एक ऐसी कहानी है, जो झील के किनारे से शुरू होकर
ज्वालामुखी के पहाड़ पर समाप्त होती है ।

४. शादी एक ऐसी जोड़ी है,जिसर्मे प्रेम होता है, चूंकि प्रेम
अंधा होता है, इसलिये यह अंधों की जोड़ी है ।

५. शादी एक ऐसा आयोजन है, जिसे महीलायें पुरूषों को लूटने के
लिये आयोजित करती है ।

६. शादी एक ऐसी किताब है, जिसका पहला भाग पद्य में तथा शेष
गद्य में होते हैं ।

७. शादी एक ऐसा मिलन है, जो अच्छे मित्रों की तरह रहने के
इरादे से शूरु किया जाता है और दिन-ब-दिन ये इरादे बदलते जाते
हैं ।

८.शादी एक ऐसा प्रमाण है, जिसके बाद ही आदमी मानता है
कि कुँवारे ही भले थे ।

९.शादी जीवन का एक ऐसा मोड़ है, जिसमें लड़की की सब चिंतायें
समाप्त हो जाती है, लड़के की शुरू हो जाती है ।

१०.शादी ही वह संस्कार है, जिसे करने के बाद आदमी को ज्ञान
होता है कि नर्क पृथ्वी पर ही है ।

११.शादी एक शब्द नहीं, एक वाक्य है !!

भाषाओं से सम्बन्धित रोचक जानकारी ( Interesting Facts about Language )

भाषाओं (Language) से सम्बन्धित रोचक जानकारी (Interesting Facts in Hindi)
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1. हवायन (Hawaiian) वर्णामाला में केवल 12 अक्षर होते हैं।

2. उर्दू और अंग्रेजी दोनों के ही वर्णमालाओं में 26 अक्षर होते हैं।

3. ‘हरि’ हिन्दी का एक ऐसा शब्द है जिसके दर्जन भर से भी अधिक अर्थ हैं; यथा यमराज, पवन, इन्द्र, चन्द्र, सूर्य, विष्णु, सिंह, किरण, घोड़ा, तोता, साँप, वानर और मेढक, वायु, उपेन्द्र आदि।

4. राजभाषा अधिनियम के अनुसार हिन्दी भाषा के लिए देवनागरी लिपि तथा भारतीय अंकों का अंतर्राष्ट्रीय रूप प्रयोग किया जाता है।

5. अंग्रेजी का शब्द ‘News’ चार दिशाओं North, East, West, और South के प्रथम अक्षरों को मिला कर बना है।

6. अमेरिका की अपेक्षा चीन में अधिक लोग अंग्रेजी भाषा बोलते हैं।

7. ‘racecar,’ ‘kayak’ और ‘level’ अंग्रेजी के ऐसे शब्द हैं जिन्हें चाहे बायें से दायें पढ़ें कि दायें से बायें, वे एक जैसे ही पढ़े जाते हैं।

8. WAS IT A CAR OR A CAT I SAW. अंग्रेजी का ऐसा वाक्य है जो उल्टा सीधा एक समान है।

9. अंग्रेजी शब्द Stressed को उल्टा पढ़ने पर अंग्रेजी का ही एक दूसरा शब्द Desserts बन जाता है।

10. अंग्रेजी का सबसे छोटा पूर्ण वाक्य है – ‘Go’।

11. अंग्रेजी के केवल चार शब्द ऐसे हैं जिसके अन्त में “dous” आता है, वे हैं – hazardous, horrendous, stupendous, and tremendous।

12. “The quick brown fox jumps over a lazy dog.” वाक्य में अंग्रेजी के सभी अक्षर प्रयुक्त होते हैं।

13. बगैर कोई स्वर (vowel) वाला अंग्रेजी का सबसे बड़ा शब्द है “Rhythms”!

14. “uncopyrightable” अंग्रेजी का एक ऐसा शब्द है जिसमें प्रयुक्त कोई भी अक्षर दो बार नहीं आता।

15. अंग्रेजी में ‘E’ का प्रयोग सबसे अधिक होता है और ‘Q’ का सबसे कम।

new version of some famous dialouge..!!

new version of some famous dialouge..!!

1=> मेरे पास पैसा है, गाङी है, बंगला है तेरे पास क्या है..??
मेरे पास "प्याज" है।

2=> थप्पङ से डर नहीँ लगता साहिब "प्याज" से लगता है।

3=> कुत्ते कमीने मैँ तेरी "प्याज" खा जाऊँगा।

4=> ये "प्याज" हमको दे दे ठाकुर..!!

5=> आयेंगे, मेरे करन-अर्जुन आयेँगे और साथ मेँ "प्याज" भी लायेँगे।

गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागु पाय

गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागु पाय ;
बलिहारी गुरु आपके जिन गोविन्द दिये मिलाय !
एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधू-महात्मा अचानक कबीर जी के घर आ गये !बारिश के कारण कबीर साहब जी बाज़ार में कपडा बेचने नही जा सके और घर पर खाना भी काफी नही था !उन्होंने अपनी पत्नी लोई से पूछा -क्या कोई दुकानदार कुछ आटा -दाल हमें उधार दे देगा जिसे हम बाद में कपडा बेचकर चुका देगे !पर एक गरीब जुलाहे को भला कौन उधार देता जिसकी कोई अपनी निश्चित आय भी नही थी !
लोई कुछ दुकानो पर सामान लेने गई पर सभी ने नकद पैसे मांगे आखिर एक दुकानदार ने उधार देने के लिये उनके सामने एक शर्त रखी कि अगर वह एक रात उसके साथ बितायेगी तो वह उधार दे सकता है !इस शर्त पर लोई को बहुत बुरा तो लगा लेकिन वह खामोश रही जितना आटा-दाल उन्हें चाहिये था दुकानदार ने दे दिया !जल्दी से घर आकर लोई ने खाना बनाया और जो दुकानदार से बात हुई थी कबीर साहब को बता दी !
रात होने पर कबीर साहब ने लोई से कहा कि दुकानदार का क़र्ज़ चुकाने का समय आ गया है ; चिंता मत करना सब ठीक हो जायेगा !जब वह तैयार हो कर जाने लगी कबीर जी बोले क़ि बारिश हो रही है और गली कीचड़ से भरी है तुम कम्बल ओढ़ लो मै तुमे कंधे पर उठाकर ले चलता हूँ !
जब दोनों दुकानदार के घर पर पहुचे लोई अन्दर चली और कबीर जी दरवाजे के बाहर उनका इंतज़ार करने लगे !लोई को देखकर दुकानदार बहुत खुश हुआ पर जब उसने देखा कि बारिश के बावजूद न तो लोई के कपडे भीगे है ओर ना ही पाँव तो उसे बहुत हैरानी हुई !उसने पूछा -यह क्या बात है क़ि कीचड़ से भरी गली में से तुम आई हो फिर भी तुमारे पावो पर कीचड़ का एक दाग भी नही !
तब लोई ने जवाब दिया -इसमें हैरानी की कोई बात नही मेरे पति मुझे कम्बल ओढा कर अपने कंधे पर बिठाकर यहाँ पर लाये है !यह सुनकर दूकानदार बहुत चकित रह गया ;लोई का निर्मल और निष्पाप चेहरा देखकर वह बहुत प्रभावित हुआ और आश्चर्य से उसे देखता रहा !जब लोई ने कहा कि उसके पति कबीर साहब जी उसे वापस ले जाने के लिये बाहर इंतज़ार कर रहे है तो दुकानदार अपनी नीचता और कबीर साहब जी की महानता को देख-देख कर शर्म से पानी-पानी हो गया !
उसने लोई और कबीर साहब जी दोनों से घुटने टेक कर क्षमा मांगी !कबीर साहब जी ने उसको क्षमा कर दिया !दुकानदार कबीर जी के दिखाये हुए मार्ग पर चल पड़ा जो कि था परमार्थ का मार्ग और समय के साथ उनके प्रेमी भक्तो में गिना जाना लगा ;भटके हुए जीवो को सही रास्ते पर लाने के लिए संतो के अपने ही तरीके होते है !
संत ने छोड़े संतई चाहे कोटिक मिले असंत ;
चन्दन विष व्यामत नही लिपटे रहत भुजंग !
पूर्ण संत हर काल में हर किसी की मन की मैल और विकारो को मिटाकर एवं प्रभु का ज्ञान करवाकर प्रभु की कृपादर्ष्टि का पात्र बनाता है !

दो दोस्त गोरखपुर से दिल्ली जा रहे थे

एक बार दो दोस्त गोरखपुर से दिल्ली जा रहे थे।

डिब्बे में भीड़ ज्यादा थी तो उन्हें सीट नहीं मिल रही थी तो सीट के लिए उन्हें शरारत सूझी।

उन्होंने अपने बैग से रबड़ का एक सांप निकाला और चुपके से डिब्बे में छोड़ दिया और चिल्लाने लगे।

सांप... सांप!

थोड़ी देर में डिब्बा खाली हो गया और उन्होंने जल्दी से बिस्तर जमाकर जगह रोक ली।

सुबह जब आंख खुली, तो पांच बजे थे और गाड़ी किसी स्टेशन पर खड़ी थी।

उन्होंने खिड़की से बाहर झांककर रेलवे के कर्मचारी से पूछा: यह कौन सा स्टेशन है?

जवाब मिला: गोरखपुर।

उन्होंने पूछा: क्या गाड़ी दिल्ली नहीं गई?

कर्मचारी बोला: गाड़ी दिल्ली गई, लेकिन गाड़ी में सांप निकलने के कारण इस डिब्बे को काट दिया गया।

“माँ” Maa Mummy Mother Mumma

एक समय की बात है , एक बच्चे का जन्म होने वाला था.
जन्म से कुछ क्षण पहले उसने भगवान् से पूछा : ” मैं
इतना छोटा हूँ, खुद से कुछ कर भी नहीं पाता ,
भला धरती पर मैं कैसे रहूँगा , कृपया मुझे अपने पास
ही रहने दीजिये , मैं कहीं नहीं जाना चाहता.”
भगवान् बोले, ” मेरे पास बहुत से फ़रिश्ते हैं , उन्ही में से एक
मैंने तुम्हारे लिए चुन लिया है, वो तुम्हारा ख़याल रखेगा.

“पर आप मुझे बताइए , यहाँ स्वर्ग में मैं कुछ नहीं करता बस
गाता और मुस्कुराता हूँ , मेरे लिए खुश रहने के लिए
इतना ही बहुत है.”” तुम्हारा फ़रिश्ता तुम्हारे लिए
गायेगा और हर रोज़ तुम्हारे लिए मुस्कुराएगा भी . और
तुम उसका प्रेम महसूस करोगे और खुश रहोगे.”

” और जब वहां लोग मुझसे बात करेंगे तो मैं समझूंगा कैसे , मुझे
तो उनकी भाषा नहीं आती ?”
” तुम्हारा फ़रिश्ता तुमसे सबसे मधुर और प्यारे शब्दों में
बात करेगा, ऐसे शब्द जो तुमने यहाँ भी नहीं सुने होंगे, और
बड़े धैर्य और सावधानी के साथ तुम्हारा फ़रिश्ता तुम्हे
बोलना भी सीखाएगा .”

” और जब मुझे आपसे बात करनी हो तो मैं क्या करूँगा?”
” तुम्हारा फ़रिश्ता तुम्हे हाथ जोड़ कर
प्रार्थना करना सीखाएगा, और इस तरह
तुम मुझसे बात कर सकोगे.”

“मैंने सुना है कि धरती पर बुरे लोग भी होते हैं . उनसे मुझे
कौन बचाएगा ?”
” तुम्हारा फ़रिश्ता तुम्हे बचाएगा , भले
ही उसकी अपनी जान पर खतरा क्यों ना आ जाये.”

“लेकिन मैं हमेशा दुखी रहूँगा क्योंकि मैं आपको नहीं देख
पाऊंगा.”
” तुम इसकी चिंता मत करो ;
तुम्हारा फ़रिश्ता हमेशा तुमसे मेरे बारे में
बात करेगा और तुम वापस मेरे पास कैसे आ सकते
हो बतायेगा.”

उस वक़्त स्वर्ग में असीम शांति थी , पर पृथ्वी से किसी के
कराहने की आवाज़ आ रही थी….बच्चा समझ गया कि अब
उसे जाना है , और उसने रोते-रोते भगवान् से पूछा ,” हे
ईश्वर, अब तो मैं जाने वाला हूँ ,कृपया मुझे उस फ़रिश्ते
का नाम बता दीजिये ?’

भगवान् बोले, ” फ़रिश्ते के नाम का कोई महत्त्व नहीं है ,
बस इतना जानो कि तुम उसे “माँ” कह कर पुकारोगे .”

आपका Mind Test करते हैं देखते हैं कितने टैलेंटेड लोग हैं...

चलो आपका Mind Test करते हैं देखते हैं कितने टैलेंटेड लोग हैं...

तो बताओ मित्रो एक पीपल के पेड़ के निचे 5 लोग बैठे थे..
१. पहला ब्यक्ति बोल नहीं सकता था l
२. दूसरा ब्यक्ति आँखों से देख नहीं सकता था l
३. तीसरा ब्यक्ति कानो से सून नहीं सकता था l
४. चौथा ब्यक्ति के दोनों हाथ नहीं थे l
५. पाचवा ब्यक्ति के दोनों पैर नहीं थे l

ऊपर से एक आम गिरा तो बताओ पहले किसने उठाया होगा (?)

“मैं रुकूं …. या जाऊं ?

एक शराबी झूमता हुआ घर की ओर जा रहा था कि अचानक रुक गया.

दरअसल उसके पीछे-पीछे दो लडकियां पता नहीं किस बात पर आपस में झगड़ते हुए चल रहीं थीं.

एक लड़की – “भगवान करे तेरी शादी इस शराबी से हो जाए … ”

दूसरी लड़की – “नहीं, भगवान करे तेरी हो जाये … ”
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शराबी - “मैं रुकूं …. या जाऊं ?”

ZINDAGI SE BHI PYAARE LOG

TOOFAN MAIN KASHTI KO KINAARE BHI MIL JAATE HAI
JAHAAN MAIN LOGON KO SAHAARE BHI MIL JAATE HAI
DUNIYA MAIN SAB SE PYAARI HAI ZINDAGI
KUCH LOG ZINDAGI SE BHI PYAARE MIL JAATE HAI...

dil yeh chahta hai..

Unke Ishq mein doob jaane ko dil yeh chahta hai..
Har pal nye khwaab sajane ko dil yeh chahta hai..
Koi kahe unko ki laut aaye mere paas..
Ki unko apni bahon mein bharne ko dil yeh chahta hai..

Meri Zindagi mein aaye ho jabse..

Meri Zindagi mein aaye ho jabse..
Khushiyaan hee khushiyaan laaye ho tabse..

Jaane woh kaisa din tha jab hum mile the...
Jaane woh kaisa din tha jab hum mile the...
Ek khushboo si leher hai tabse mere dil mein...

Rabb ne sun li phir se meri pukaar...
Sunta aaya hai woh pyaara sa humesha iss shona ki pukaar..

Bhej diya hai unhone muje sirf mere liye...
Ab meri zindagi ban gyi hai phir se khushiyon ka jahaan..

Jaane kis morr pe kharri thi main..
Na thi jeene ki chaah...
Kis morr pe thi meri yeh zindagi...
Na koi raah na hee thi koi manzil.

Ab raahein muje saaf nazar aa rhi hai..
Aapki dosti ki manzil hee hai ab meri nyi raah..

Dil yuhi udaas tha jab aapne di mere dil pe dastak..
Milna tha humein yeh faisla kar chuka tha mera khuda shayad pehle se..

Dil mein buss ek hee armaan hai ..
Yuhi bni re yeh dosti ..

Tufaan aane ke baad thamm jaata hai jaise..
Baarish ki boonde zameen se jab hai sukne lagti..

Aapki dosti ki mehek liye jeena seekh rhi hoon phir se..
Yuhi rehna mere dil mein mere paas humesha ...

meri zindagi me kaash...tum kabhi aaye na hote

In aankho me aansu aaye na hote,
tum jo peeche mud kar muskuraye na hote,

chale gaye zindagi se yun kuch bhi na bolkar,
keh dete to yun sapne sajaye na hote,

sau aansuon ke badle mujhe khushi hi de dete,
to aaj yun gham ke baadal chhaye na hote,

gar hota pata mohabbat ki raho me,aise bhi mod aayenge,
to humne chahkar bhi kabhi yeh raste apnaaye na hote,

mere ashko ko tumne mehez paani karaar de diya,
pata hota to aaj yun motiyon ke sailaab bahaye na hote,

tumhare jaane ke baad pal-pal ye gham hota hai,
ki meri zindagi me kaash........tum kabhi aaye na hote........

woh aaye zindagi me kuch iss tarah

woh aaye zindagi me kuch iss tarah
ke tanhaaiyan bhi mere gun gunane lagi
hawa bhi nayi geet sunane lagi..

sanse he meheki dharkane hain meheki
dil se ek nayi sada aane lagi...

tanhayion me toh yaad aati hai unki
mehfilon me bhi ab satane lagi..

ek bas unka chehra samaya hai dil me
her ek se nazren churane lagi..

neende hamari woh churane lage
karwaton me hi raat jane lagi...

khawbon me bhi dikhte hai sirf woh hi
surat unki iss kadar samane lagi...

मेरी फेसबुक आईडी

लड़की – सुन मेरी फेसबुक आईडी बना दे ...
लड़का – बना तो दूँगा मगर तुझे चलानी आती है ...???
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लड़की तो क्या हुआ – चला तुम लेना ... मैं पीछे बैठ जाउंगी ...
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( नोट – ऐसी गर्लफ्रेंड किस्मत वालों को ही मिलती है )

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक शहर व स्थल

भारत के प्रमुख ऐतिहासिक शहर व स्थल
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अहिछत्र - उ. प्र. के बरेली जिले में स्थिति यह स्थान एक समय पाँचालों की राजधानी थी।

आइहोल- यह स्थान कर्नाटक में स्थित है। इसकी मुख्य विशेषता चालुक्यों द्वारा बनवाए गए पाषाण के मंदिर हैं।

अजंता की गुफाएँ- यह स्थान महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। इसमें 29 बौद्ध गुफाएँ मौजूद हैं। यह गुफाएँ अपनी चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध हैं। इनका काल 2 सदी ई. पू. से 7 शताब्दी ई. तक है।

अमरावती- यह ऐतिहासिक स्थल आधुनिक विजयवाड़ा के निकट स्थित है।
सातवाहन वंश के समय में यह स्थान काफी फला-फूला।

अरिकामेडू- चोल काल के दौरान पाँडिचेरी के निकट स्थित समुद्री बंदरगाह।

बादामी या वातापी- कर्नाटक में स्थित यह स्थान चालुक्य मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है जो कि गुहा-मंदिरों में पाई जाती है। यह स्थान द्रविड़ वास्तुकला का उत्तम उदाहरण हैै।

चिदाम्बरम- यह स्थान चेन्नई के 150 मील दक्षिण में स्थित है और एक समय यह चोल राज्य की राजधानी थी। यहाँ के मंदिर भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से हैं और वे द्रविड़स्थापत्य व वास्तुकला का बखूबी प्रतिनिधित्व करते हैं।

बोध गया- यह स्थान बिहार के गया जिले में स्थित है। इसी स्थान पर बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति किया था।

एलीफेंटा की गुफा- यह मुंबई से लगभग 6 मील की दूरी पर स्थित है। इसमें 7वीं व 8वीं शताब्दी की पत्थर को काटकर बनाई गई गुफाएँ स्थित हैं।

अयोध्या- यह आधुनिक फैज़ाबाद से कुछ दूरी पर स्थित है। यह कोसल राज्य की राजधानी थी और राम का जन्मस्थान यही है।

एलोरा गुफायें - यह स्थान महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसमें पत्थर को काटकर बनाई गईं 34 गुफाएं स्थित हैं।

फतेहपुर सीकरी- यह स्थान आगरा से 23 मील की दूरी पर स्थित है। इसकी स्थापना 1569 में अकबर ने की थी। यहाँ पर 176 फीट ऊँचा बुलंद दरवाजा मौजूद है।

हड़प्पा- पाकिस्तान के पँजाब प्रांत के माँटगोमेरी जिले में स्थित यह स्थल हड़प्पा संस्कृति काल में एक प्रमुख शहर था।

हम्पी - कर्नाटक में स्थित यह स्थान मध्यकालीन युग में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।

आगरा- इस शहर की नींव लोदी वंश के बादशाह सिकंदर लोदी ने 1509 में रक्खी थी। बाद में मुगल सम्राटों ने इसे अपनी राजधानी बनाया। शाहजहाँ ने यहीं अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था।

अमृतसर- यहीं पर सिक्खों का पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर स्थित है। इसका निर्माण सिक्खों के चौथे गुरू रामदास ने करवाया था।

अवन्ति- पुराणों में अवन्तिका के नाम से प्रसिद्ध भारत का यह प्राचीन शहर 16 महाजनपदों में शामिल था।

इंद्रप्रस्थ- नई दिल्ली के निकट स्थित यह नगर महाभारत काल में कुरू राज्य की राजधानी थी।

उज्जयिनी- छठी सदी ई. पू. में यह शहर उत्तरी अवन्ति की राजधानी था।

कन्नौज- उत्तर प्रदेश में स्थित यह शहर हर्ष की राजधानी थी।

कन्याकुमारी- पद्मपुराण में वर्णित यह शहर भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित है।

कपिलवस्तु- नेपाल के तराई में स्थित इसी जगह में महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था।

कांचीपुरम- वर्तमान में कांजीवरम के नाम से विख्यात यह प्राचीन नगर सात पवित्र नगरों में से एक है।

कुशीनगर- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित इसी स्थान पर महात्मा बुद्ध का महापरिनिïर्वाण हुआ था।

खजुराहो- दसवीं से बारहवीं शताब्दी के मध्य चंदेल शासकों द्वारा निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध खजुराहों मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है।

गया- बिहार में स्थित इस नगर की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। यहीं पर बुद्ध को ज्ञान की प्राप्त हुई थी।

जयपुर- 1721 में कछवाहा शासक सवाई जयसिंह ने इस नगर की स्थापना की थी।

झांसी- उत्तर प्रदेश का यह नगर रानी लक्ष्मी बाई की वजह से प्रसिद्ध है।

दौलताबाद- प्राचीनकाल में देवगिरि के नाम से विख्यात यह नगर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है। मुहम्मद बिन तुगलक ने इसे अपनी राजधानी बनाया था। #www.chirkutbaba.com

पाटलिपुत्र- बिहार स्थित पाटलिपुत्र वर्तमान में पटना के नाम से प्रसिद्ध है। यह मौर्र्यों की राजधानी थी।

पूणे- मराठा सरदार शिवाजी तथा उनके पुत्र शम्भाजी की राजधानी पूणे महाराष्ट्र का एक प्रमुख शहर माना जाता है।

पुरूषपुर- प्रथम शताब्दी ई.पू. में कनिष्क द्वारा स्थापित पुरूषपुर पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में स्थित है। इसे वर्तमान में पेशावर के नाम से जाना जाता है।

प्लासी- प्लासी 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी एवं बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुए युद्ध के लिए प्रसिद्ध है।

प्रयाग- तीर्थराज कहलाने वाला यह नगर गंगा-यमुना के संगम पर बसा है। प्राचीन काल से ही इस स्थली की गणना पवित्र नगरियों में की जाती है। बाद में अकबर ने इसका नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था।

बीजापुर- युसूफ आदिलशाह द्वारा स्थापित यह नगर कर्नाटक में स्थित है। यहां गोल गुंबज मुहम्मद आदिलशाह का मकबरा है।

भुवनेश्वर- वर्तमान समय में उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर प्राचीन समय में उत्कल की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध था। यहाँ के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
माउंट आबू- दिलवाड़ा के जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध यह स्थान अरावली पर्वत पर स्थित है।

मथुरा- उत्तर प्रदेश में स्थित यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली होने की वजह से प्रसिद्ध है।#www.chirkutbaba.com

मामल्लपुरम- पल्लव नरेश नरसिंह वर्मन द्वारा चेन्नई के पास निर्मित यह
नगर वर्तमान में महाबलीपुरम के रुप में विख्यात है। यहां के मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।

विजयनगर- इस राज्य की नींव 1336 में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर व बुक्का द्वारा रखी गई थी।

श्रवणबेलगोला- कर्नाटक के हसन जिले में स्थित श्रवणबेलगोला जैन धर्म के मुख्य केेंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहां जैन तीर्र्थंकर बाहुबली की विशाल मूर्ति है।

सारनाथ- यह स्थान उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित है जहां बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

कोणार्क- यह स्थान सूर्य मंदिर के लिए विख्यात है। #www.chirkutbaba.com

रामेश्वरम- तमिलनाडु में स्थित यह स्थान रामनाथ स्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

मदुरै- पाण्ड्य राजाओं की राजधानी एवं तमिलनाडु में स्थित यह नगर मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

भीतरगांव- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित यह स्थल गुप्तकालीन ईंटों से बने मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

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अविष्कार और खोज

1.टेलीविजन का अविष्कार किया-जे. एल. बेयर्ड
2.रडार का अविष्कार किया-टेलर एवं यंग
3.गुरूत्वाकर्षण की खोज किसने किया-न्युटन ने
4.सिरका व अचार में कौन सा अम्ल होता है-एसिटिक अम्ल
5.निबू एवं नारंगी में कौन सा अम्ल होता है-साइट्रिक अम्ल
6.दूध खट्टा होता है-उसमें उपस्थित लैक्टिक अम्ल के कारण
7.मतदाताओं के हाथ में लगाये जाने वाली स्याही होती है-सिल्वर नाइट्रेट
8.पृथ्वी अपने अछ पर घूमती है-पश्चिम से पूर्व की ओर
9.प्याज व लहसुन में गंध होता है-उसमें उपस्थित पोटैशियम के कारण
10.x-किरणों की खोज की-रोन्ट्जन ने की थी

करवाचौथ के दिन विभिन्न लोगों की स्तिथि 2013

करवाचौथ के दिन विभिन्न लोगों की स्तिथि =====================

# नरेन्द्र मोदी / राहुल गाँधी : आज इन दोनों की स्तिथि लगभग एक जैसी हैं | पुरे साल में यही एक मौका आता हैं जब मोदी व राहुल की भावनाए एक जैसी होती हैं |

# मनमोहन सिंह : आज मनमोहन सिंह कुछ अलग ही नज़र आते हैं | साल भर मौन व्रत रखने वाले सिंह साहब आज मौन व्रत व करवाचौथ व्रत एक साथ रख अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हैं |

# अरविन्द केजरीवाल : आज इनकी हालत बीवी नंबर वन फिल्म के सलमान खान जैसी हो जाती हैं , एक तरफ अपने घर में पत्नी का व्रत भी खुलवाना होता हैं फिर बहाना करके शाजिया इल्मी के यहाँ जाके भी रस्म निभानी पड़ती हैं |

# दिग्विजय सिंह : आज इनकी लम्बी उम्र के RSS व्रत रखता हैं ताकि इनकी उम्र लम्बी हो और ये महाशय लगातार अपने बोलों से संघ का प्रचार कर सके |

# रेणुका चौधरी : आज ये पति की भूमिका निभाते हुए अपने पति का करवाचौथ व्रत खुलवाती हैं |

# एन.डी.तिवारी : ये आज सबसे ज्यादा बीजी रहते हैं , सवेरे से लिस्ट तैयार करते हैं की किस किस के पास जाना हैं और संख्या ज्यादा होने पर ये अपने घर में ही सब को बुला के सार्वजनिक करवाचौथ का आयोजन करते हैं |

# सोनिया गाँधी : ये मोहतरमा अब टोटको को सच मानते हुए सिर्फ मोदी के लिए व्रत रखती हैं क्यूंकि इनका कहना हैं की आज तक इन्होने जिन जिन के लिए व्रत रखा वो अल्लाह मियां को प्यारे हो गए |

# कुमार विश्वास : पिछली बार जस्टिन बाईबर के साथ करवाचौथ मनाने वाले विश्वास साहब ने इस बार का ये पर्व राघव जी के साथ मनाया |

# मनीष तिवारी : इनकी पत्नी व्रत नहीं रखती , उनका कहना हैं कुंवारी अवस्था में व्रत रखा था लम्बी उम्र वाला पति की बजाय लम्बी जुबान वाला पति मिल गया

# मायावती : इनका कहना हैं की ये पर्व इनकी भावनाए आहत करता हैं अगर वो पीएम बन जाती हैं तो इस पर्व पर प्रतिबन्ध लगवा देगी |

एशिया और विश्व

1. एशिया में विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत कौन सा है? - हिमालय
2. एशिया में विश्व का सबसे ऊँचा शिखर कौन सा है? - माउंट एवरेस्ट
3. एशिया में विश्व का सबसे ऊँचा पठार कौन सा है? - तिब्बतका पठार
4. एशिया में विश्व की सबसे ऊँची खारे पानी की झील कौन सी है? - पैगांग झील (तिब्बत )
5. एशिया में विश्व की सबसे बड़ी झील - कैस्पियन सागर
6. एशिया में विश्व का सबसे लम्बा प्लेटफार्म -गोरखपुर
7. एशिया में विश्व का सर्वाधिक जन सँख्या वाला देश - चीन
8. एशिया में विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा - सुंदरबन डेल्टा ( भारत-बंगलादेश )
9. एशिया में विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र - भारत
10. एशिया में विश्व का सबसे अधिक जल यान बनाने वाला देश - जापान

सफलता के 20 मँत्र

'सफलता के 20 मँत्र
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1.खुद की कमाई से कम खर्च हो ऐसी जिन्दगी बनाओ..!
2. दिन मेँ कम से कम 3 लोगो की प्रशंशा करो..!
3. खुद की भुल स्वीकार ने मेँ कभी भी संकोच मत करो..!
4. किसी के सपनो पर हँसो मत..!
5. आपके पीछे खडे व्यक्ति को भी कभी कभी आगे जाने का मौका दो..!
6. रोज हो सके तो सुरज को उगता हुए देखे..!
7. खुब जरुरी हो तभी कोई चीज उधार लो..!
8. किसी के पास से कुछ जानना हो तो विवेक से दो बार ...पुछो..!
9. कर्ज और शत्रु को कभी बडा मत होने दो..!
10. ईश्वर पर पुरा भरोशा रखो..!
11. प्रार्थना करना कभी मत भुलो, प्रार्थना मेँ अपार शक्ति होती है..!
12. अपने काम से मतलब रखो..!
13. समय सबसे ज्यादा किमती है, इसको फालतु कामो मेँ खर्च मत करो..!
14. जो आपके पास है, उसी मेँ खुश रहना सिखो..!
15. बुराई कभी भी किसी कि भी मत करो करो, क्योकिँ बुराई नाव मेँ छेद समान है, बुराई
छोटी हो बडी नाव तो डुबोही देती है..!
16. हमेशा सकारात्मक सोच रखो..!
17. हर व्यक्ति एक हुनर लेकर पैदा होता बस उस हुनर को दुनिया के सामने लाओ..!
18. कोई काम छोटा नही होता हर काम बडा होता है जैसे कि सोचो जो काम आप कर रहे हो अगर आप वह काम आप नही करते हो तो दुनिया पर क्या
असर होता..?
19. सफलता उनको ही मिलती है जो कुछ करते है
20. कुछ पाने के लिए कुछ खोना नही बल्कि कुछ करना पडता है

"स्वार्थ का बोझ"

"स्वार्थ का बोझ"
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एक आदमी अपने सिर पर अपने खाने के लिए अनाज की गठरी ले कर जा रहा था।
दूसरे आदमी के सिर पर उससे चार गुनी बड़ी गठरी थी।
लेकिन पहला आदमी गठरी के बोझ से दबा जा रहा था, जबकि दूसरा मस्ती से गीत गाता जा रहा था।
पहले ने दूसरे से पूछा, "क्योंजी! क्या आपको बोझ नहीं लगता?"
दूसरे वाले ने कहा, "तुम्हारे सिर पर अपने खाने का बोझ है,
मेरे सिर पर परिवार को खिलाकर खाने का।
स्वार्थ के बोझ से स्नेह समर्पण का बोझ सदैव हल्का होता है।"
स्वार्थी मनुष्य अपनी तृष्णाओं और अपेक्षाओं के बोझ से बोझिल रहता है। जबकि परोपकारी अपनी चिंता त्याग कर संकल्प विकल्पों से मुक्त रहता है। —

SHARE कर के अपने दोस्तो तक भी पहोचाये

एक प्रश्न जरुर आएगा किसी न किसी एग्जाम में

(2013-2015) खेलो के आयोजान स्थान - share it
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*2013 विश्व शतरंज चैम्पियनशिप- भारत
* 2014 के एशियाई खेल - सियोल (S.korea)
* 2014 के राष्ट्रमंडल खेल -ग्लासगो (स्कॉटलैंड)
* 2014 विश्व कप फुटबॉल - ब्राजील
* 2013 कन्फेडरेशन कप- ब्राजील
* 2016 - यूरो कप - फ्रांस
* 2015 का विश्व कप क्रिकेट - ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड
* 2014 में 20 -20 विश्व कप - बांग्लादेश
* 2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक - रियो डी जनेरियो (ब्राजील)
* 2014 के शीतकालीन ओलंपिक - सोची (रूस)
* 2014 युवा ओलंपिक - नानजिंग (चीन)
* 2014 हॉकी विश्व कप - हेग (नीदरलैंड)

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इसमें से एक प्रश्न जरुर आएगा किसी न किसी एग्जाम में

दो दोस्त अचानक मिले......

बहुत साल बाद दो दोस्त अचानक
मिले..धनवान दोस्त ने
अपनी आलीशान
गाड़ी पार्क की ,,और गरीब मित्र से
बोला चल इस गार्डन में बैठकर बात करते
है .

चलते चलते अमीर दोस्त ने गरीब दोस्त
से कहा --
यार तेरे में और मेरे में बहुत फर्क है . हम
दोनों साथ में पढ़े साथ में बड़े हुए मै कहाँ पहुच
गया और तू कहाँ रह गया ??

चलते चलते गरीब दोस्त अचानक रुक
गया .अमीर दोस्त ने पूछा क्या हुआ ?
गरीब दोस्त ने कहा तुझे कुछ आवाज
सुनाई दी?

अमीर दोस्त पीछे मुड़ा और पांच का सिक्का उठाकर
बोला ये
तो मेरी जेब से गिरा पांच के सिक्के
की आवाज़ थी।

गरीब दोस्त एक कांटे के
छोटे से पोधे की तरफ गया जिसमे एक
तितली पंख फडफडा रही थी ,गरीब
दोस्त ने उस तितली को धीरे से बाहर
निकाला और आकाश में आज़ाद कर
दिया..
अमीर दोस्त ने आतुरता से पुछा तुझे
तितली की आवाज़ कैसे सुनाई दी?

गरीब दोस्त ने नम्रता से कहा --
तेरे में और मुझ में यही फर्क है..
तुझे "धन" की सुनाई देती है और मुझे "मन"
की आवाज़ सुनाई देती है ॥

Moral...अमीरो को क्या पता मन की आवाज उन्हेँ
तो सिर्फ धन की आवाज सुनाई देती है ।

इसकी खासियत क्या है

एक दिन मल्लिका तोता खरीदने गयी ..
मल्लिका – इसकी खासियत क्या है ...
दुकानदार – ये तोता बोलता है ...
मल्लिका ने तोते से पूछा – मैं कैसी लग रही हूँ ...??
तोता – साली करेक्टर लेस लग रही है ...
मल्लिका – ये तोता तो बहुत बत्तमीज है ...
दुकानदार तोते को अन्दर ले गया और जोर से पानी में उस सर डुबाया और पूछा , बोल अब किसी को गन्दी गाली देगा ..??
तोता – नही अब कभी नही दूँगा ...
दुकानदार तोते के बाहर ले आया और मल्लिका से पूछा अब पूछिए आप ..
मल्लिका – अगर मेरे घर पे एक आदमी आये तो तुम क्या सोचोगे ..??
तोता – आपका पति है
मल्लिका – अगर दो आये तो ..??
तोता – आपका पति और उसका भाई है ..
मल्लिका – अगर तीन लोग आये तो ...??
तोता – तुम्हारा पति देवर और तुम्हारा भाई होगा ...
मल्लिका – अगर चार लोग आये तो ..??
तोता – लाला जी पानी लेकर आओ .... मैं तो पहले ही बोला था कि साली करेक्टर लेस है ...

चुम्बकीय शक्ति प्रभाव किसे कहते हैं..?

टीचर: चुम्बकीय शक्ति प्रभाव किसे कहते हैं..?
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जब कोई लडकी स्कूटी पर जाते हुये
किसी बाइक सवार लडके के पास से गुजरती है
तो उस लडके की बाइक की गति स्वत: ही बढ
जाती है..
लडकी द्वारा उत्पन्न किये गये इस
गति परिवर्तन को ही "चुम्बकीय शक्ति प्रभाव"
कहते हैं...!!